तैमूर की मम्मी कैंसिल, कंगना रनोट वेलकम फॉर माता सीता रोल


सोशल मीडिया पर एक तीखी बहस चल रही हैं की एक मुस्लिम एक्टर से शादी करनेवाली जिसने अपने बेटे के नाम तैमूर रखा हैं. वो माता सीता का किरदार नहीं कर सकती. वो एक्ट्रेस जिसका पति तांडव जैसी वेब सीरीज का हिस्सा हैं जिसमे हिंदू धर्म का मज़ाक बनाया जाता हैं उस करीना को सीता का रोल नहीं देना चाहिए.

करीना की जगह ये रोल कंगना रनोट को दिया जाना चाहिए जो हमेशा ही हिंदू धर्म की बात करती हैं देशभक्ति से जुडी चीज़े करती हैं. रानी लक्ष्मी बाई के किरदार में भी कंगना खूब जमी थी. इसलिए कंगना सबसे बेस्ट हैं और करीना पर लोग ये भी बोल रहे हैं की जो हर फिल्ल्म के तीन चार करोड़ लेती हैं वो बारह करोड़ मांगकर दिखा रही की उसकी कितनी कीमत हैं.

अब सवाल यहाँ पर ये हैं की क्या मुस्लिम एक्टर से शादी करने या तैमूर नाम रखने की वजह से ही करीना के खिलाफ लोग हैं. तो ये इतनी बड़े वजह भी नहीं हैं. सबसे बड़ी वजह हैं की करीना ने एक घमंड भरे स्वर में ये कहा था की हमारी फिल्मे देखने के लिए तुम्हे बुलाता कौन हैं. तुम नहीं देखोगे तो हमारी फिल्म नहीं चलेगी क्या ? और सुशांत पर भी ये कहा था की मैं कभी नहीं चाहूंगी की सारा अपने फर्स्ट एक्टर को डेट करे.

इन सभी के पहले करीना कपूर ने कठुआ रेप मामले में हाथों में पोस्टर लेकर पूरे हिंदू धर्म को ही बलात्कार मामले में कठघरे में खड़ा कर दिया था. जिस पोस्टर पर लिखा था
मैं हिंदुस्तान हूँ
मैं बहुत शर्मिंदा हूँ
#बच्चों के लिए न्याय
3 साल की बच्ची से गैंगरेप
देवी स्थान मंदिर में हत्या #कठुआ

अब बलात्कार जैसी चीज़े है रोज़ होती हैं. लेकिन उसे किसी धर्म से जोड़ देना वो भी इन बीके हुए सितारों के हाथों ये किसी को बर्दाश्त नहीं हुआ. जबकि रेप जैसी घटनाएं कभी मस्जिद तो कभी चर्च में होते रहती हैं. इसमें किसी धर्म का दोष नहीं हैं. इसमें दोष उस इंसान का हैं जो रेप करता हैं. चाहे वो हिंदू वो मुस्लिम हो या फिर ईसाई.

फिल्म आदिपुरुष में रावण को भी जस्टिफाय करने की कोशिश सैफ अली खान ने की थीं. जिसमे ये बताने का काम किया था की रावण ने जो किया था वो सही किया था. क्यूंकि रावण अपनी बहन का बदला ले रहा था जिसकी नाक लक्ष्मण ने काट दी थीं.

यहाँ पर हिंदू मुस्लिम वाली इतनी बात नहीं हैं क्यूंकि बॉलीवुड में इससे पहले भी कई मुस्लिम एक्टर्स हिंदू किरदार कर चुके हैं. कई सिंगर गाने गए चुके हैं. क्यूंकि ये उनका काम हैं जिसके लिए उन्हें पैसे मिलते हैं. फिल्म बैजू बावरा में मोहम्मद रफ़ी साब ने भगवान श्री कृष्णा पर गाना गाया था. मन तड़पत हरी दर्शन को आज.

महाभारत में अर्जुन का किरदार करनेवाले भी एक मुस्लिम एक्टर थे जिनका नाम फ़िरोज़ खान हैं. लेकिन महाभारत की सफलता के बाद लोग उन्हें अर्जुन नाम से ही जानते हैं और वो खुद को अर्जुन नाम से बुलवाना ज़्यादा पसंद करते हैं. तो ऐसे कई उदहारण है जहा आप देख सकते हैं की फिल्म इंडस्ट्री में धर्म मायने रखता हैं कौन सा कलाकार कौन सा किरदार कर सकता हैं वो मायने रखता हैं. लेकिन आज दौर बदल चूका है. लोग बॉलीवुड के इन दोहरे चरित्र वाले लोगो को पहचान चुके हैं.

दरअसल करीना एक घमंडी किस्म की एक्ट्रेस हैं. जिनकी बात लोगो को ठीक नहीं लगी की वो एक्ट्रेस जिसने जनता के दम पर नाम कमाया अब वही उस जनता को बोल रही हैं की मेरी फिल्मे देखने के लिए तुम्हे बुलाता कौन हैं. वैसे सीता का रोल कंगना रनौत को जाता हैं तो शायद उस फिल्म की डिमांड बढ़ जाएं.

क्यूंकि फिल्ममेकर्स ये सोच के किसी एक्ट्रेस को ले ले की विवाद होगा तो फिल्म को फायदा मिलेगा तो वो पुरानी बात हो गयी हैं. सुशांत की मौत के बाद अब जनता हर चीज़ को पर्सनल तौर पर लेने लगी हैं. जिन कलाकारों से नफरत हैं उसे लेकर फिल्म बनाओगे तो नुकसान झेलने के लिए तैयार रहो.

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