PUBG गेम बड़ा या भारत ? कुछ क्रिएटर्स इतने बेवक़ूफ़ क्यों होते हैं ?


इतिहास में अगर आप जाकर सोचोगे की हमारा देश इतने साल गुलाम क्यों रहा तो पता चलेगा की हमारे ही देश के कुछ लोगो की वजह से जो चंद पैसो की खातिर बीक जाते हैं. जिनका ना कोई ईमान होता हैं न धर्म. सब कुछ सिर्फ और सिर्फ पैसा ही होता हैं.

हमारे देश में पब्जी खेलनेवालों की संख्या बहुत थीं या फिर ऐसा कह सकते हैं की हर घर से कोई ना कोई पब्जी खेला करता था. इसकी दो वजह हैं. पहली वजह ये की ये गेम बहुत ज़्यदा अच्छा था. जैसे ड्रग्स लेने के लोग आदि होते हैं उसके बिना रह नहीं पाते. ठीक वैसे ही कुछ लोग पब्जी के बिना रह नहीं पाते थे. सुरक्षा कारणों से जब ये गेम भारत सरकार ने बंद किया तो कई लोग नाराज़ हो गए.

नराजा होनी की वजह ये थीं की सरकार ने उनका नशा छीन लिया और दूसरा इस गेम को खेलकर लोग जो कमाई करते थे वो उनसे छीन लिया गया. बहुत से गेम खेलनेवालों ने कहा हम इस डिसिशन का स्वागत करते हैं हमारे लिए देश की सुरक्षा सबसे पहले हैं. ये लोग समझदार किस्म के गेम खेलनेवाले लोग हैं. जो जोश में होश नहीं खोते.

लेकिन कुछ ऐसे थे जिनके लिए देश दुनिया की सुरक्षा से कोई मतलब नहीं. उन लोगो ने सरकार को गालिया देना शुरू कर दिया. पब्जी एक साल से बन था खबर ये आयी की सरकार फिर से पब्जी इंडिया में लांच करनेवाली हैं. पब्जी खेलनेवाले बहुत खुश हो गए.

इसी बीच रुणाचल प्रदेश विधानसभा के सदस्य निनॉन्ग एरिंग (Ninong Ering) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर PUBG Mobile India के नए अवतार Battlegrounds Mobile India गेम को बैन करने की मांग की थी। यकिनन पबजी गेमर्स को एरिंग की मांग रास नहीं आई होगी.

पारस ऑफिसियल नाम के एक यूजर को ये बात पसंद नहीं आयी और उसने निनॉन्ग एरिंग की मांग का विरोध किया और उन पर निजी नस्लीय टिप्पणी भी कर डाली की वो इंडिया के नहीं बल्कि चायनीस दीखते हैं. यहाँ तक की अरुणचल प्रदेश को चीन का हिस्सा बता दिया.

पारस ऑफिसियल यानी पारस सिंह पर FIR की गयी. जिसके बाद वो डर गया और उसने माफ़ी मांगी लेकिन उसे गिरफ्तार कर लिया गया. हालाँकि उसे कुछ होगा नहीं. उसे समझाया जायेगा की तुम्हे एक जिम्मेदार इंसान कैसे बनाना हैं और अरुणचल प्रदेश चीन का नहीं भारत का हिस्सा हैं. एक राज्य हैं. तुम्हे इस तरह की नस्लीय टिपण्णी नहीं करनी चाहिए.

बस इसी बात का फायदा हर क्रिएटर उठता हैं. इस तरह के विवाद जानभूझकर करता हैं क्यूंकि फ्री में पुब्लसिटी मिल जाती हैं. लोग गालीया देते हैं और कुछ दिन बाद भूल जाते हैं. उनके फॉलोवर्स और सब्सक्राइबर भी बढ़ जाते हैं. इस बात का अंदाज़ा आप इसी बात से लगा सकते हैं की पारस ऑफिसियल के दस हज़ार सब्सक्राइबर बढ़ गए.

यानी हमारे देश में कितने बेवक़ूफ़ लोग हैं आप अंदाज़ा लगा सकते हैं. यही चीज़ इन लोगो को मोटीवेट करती हैं की आप इस तरह की बेवकूफी करो और माफ़ी मांग लो आपको फायदा होगा. वरना एक बेगुनाह जोमाटो डिलीवरी बॉय वाले लड़के जो जिस तरह से हितेशा चंद्राणी ने फसाया था उस लड़के की ज़िंदगी तबाह हो जाती हैं अगर लोग उसके समर्थन में खड़े नहीं होते.

उस लड़की के फॉलोवर्स लाखो में बढ़ गए और आज जब वो तस्वीर डालती तो लोग उसे गालीया नहीं देते बल्कि कमेंट में जाकर देखिये उसकी तारीफ़ करते दिख जायेंगे की तुम कितनी मस्त दिखती हैं. क्या लुक्स हैं कितनी हॉट हो. कुछ दिन बाद पारस ऑफिसियल को भी लोग भूल जायेंगे की उसने क्या किया. और उसके पास स्पोंसर्स की लाइन लगी होगी.

विवाद अपने साथ ढेर सारी पुब्लसिटि, पैसे और फॉलोवर्स लेकर आता हैं इसलिए हर बार कोई ना को इस तरह की गलती जानभूझकर करता हैं. बात सिंपल सी हैं अब वो कोई आतंकी तो है नहीं जिसे गोली मार दी जाएगा. वो अपनी बात अपने वकील के ज़रिये रखेगा की उसने गलती से ऐसा किया उसे नहीं पता था की अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा हैं. और ये बात सिर्फ पारस की नहीं हैं. हमारे देश में बहुत से ऐसे लोग हैं जो पैसे लेकर चीन की तरफदारी करते हैं. उन्हें देश की सुरक्षा और देशप्रेम से कोई मतलब नहीं होता.

What's Your Reaction?

hate hate
0
hate
confused confused
0
confused
fail fail
0
fail
fun fun
0
fun
geeky geeky
0
geeky
love love
0
love
lol lol
0
lol
omg omg
0
omg
win win
0
win

You may also like

More From: Read

DON'T MISS