पियूष मिश्रा ने बॉलीवुड की पोल खोल दी हैं.


बॉलीवुड में कुछ तो गंदा हैं. लेकिन गंदा हैं तो धंदा हैं. पियूष मिश्रा गीतकार, गायक और कलाकार सब कुछ हैं. खासकर लोग इन्हे गैंग्स ऑफ वासेपुर के लिए जानते हैं. इनका ये कहना हैं की NCB जो हैं वो सिर्फ टाइम पास कर रही हैं. वो मसन भेजकर बाद में लोगो को छोड़ देती हैं और ये बात हम खुद भी जानते हैं की ED, NCB और सीबीआई ये सब के सब जांच के नाम पर जनता को बेवक़ूफ़ बना रहे हैं. कुछ दिन और बीते उसके बाद लोग सुशांत को भूल जायेंगे. और देखा जाए तो वैसा ही हो रहा हैं.

पियूष मिश्रा ने कहा,” अगर NCB फेमस लोगों के यहां रेड डालनी शुरू कर दे तो कई लोगों के लिए समस्या खड़ी हो जाएगी। इसलिए NCB कुछ नहीं कर रही है। NCB की रेड में 100 ग्राम या 200 ग्राम ड्रग्स सीज किया गया है, जो कोई मायने नहीं रखता। NCB उन लोगों पर ध्यान नहीं दे रही, जो बड़ी मात्रा में कोकीन ले रहे हैं।”

बात तो ये सोलह आने सच हैं की ड्रग्स मामले में NCB ने रिया चक्रबोर्ती और उसके भाई को एक महीने तक जेल में रखा. कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिंबाचिया के साथ-साथ कई ड्रग्स पैडलर्स को भी NCB अरेस्ट कर चुकी है। इस मामले में दीपिका पादुकोण, श्रद्धा कपूर, सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह और अर्जुन रामपाल समेत कई दिग्गजों का नाम जुड़ चुका है और उनसे जांच एजेंसी पूछताछ भी कर चुकी है।

लेकिन नतीजा कुछ नहीं आया. सोच लीजिये एक आम इंसान अगर हेलमेट ना लगाए तो ट्रैफिक हवलदार उस इंसान के साथ क्या बर्ताव करता हैं वो बताने की ज़रूरत नहीं. हमारी सरकारों को हेलमेट लगाना ज़रूरी लगता हैं क्यूंकि हेलमेट ना लगाने से एक्सीडेंट के दौरान आपकी जान जा सकती हैं. लेकिन हमारी सड़कों का जो हाल हैं उन सड़कों से हर साल लाखों लोगो की मौत हो जातीं हैं. और किसी भी बड़ी आतंकवादी घटना में इतने लोग नहीं मारे जाते. अगर साफ़ और सरल शब्दों के कह दें तो हमारी सरकारें आम जनता को ज़िंदा दफ़न कर रही हैं.

पियूष मिश्रा ने OTT प्लेटफार्म को लेकर भी कहा,”वेब सीरीज में अश्लीलता का इस्तेमाल जबर्दस्ती किया जाता है। इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए।” आगे उन्होंने ‘तांडव’ और मिर्जापुर पर मचे बवाल पर भी रिएक्शन दिया। वे कहते हैं, “बेवजह का विवाद खड़ा करने का कोई फायदा नहीं है।” हाल ही में रिलीज हुई ‘तांडव’ पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान कर भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा है। वहीं, ‘मिर्जापुर’ पर उत्तर प्रदेश की छवि खराब करने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।

यहाँ तक की मी तू पर भी उन्होंने कहा,”लोगों को लगा था कि मीटू मूवमेंट आगे जाकर बहुत बड़ा अभियान बन जाएगा। लेकिन इस अभियान में ही कमी थी और यह आगे नहीं बढ़ सकता था। इसलिए खत्म कर दिया गया।”

ये बात तो सच हैं ये अभियान था तो अच्छी चीज़ के लिए लेकिन इसे खत्म करने में भी बॉलीवुड का बड़ा हाथ रहा हैं. कई एक्ट्रेसेस ने इस अभियान का गलत फायदा उठाकर झूठा आरोप लगाया जो बेनतीजा रहा. कुछ के इलज़ाम सही थे लेकिन वो इलज़ाम जब आप 15-२० साल बाद लगाओगे तो उसका कोई मतलब नहीं हैं. आज आपके पास इंडसट्री में काम नहीं हैं तो इलज़ाम लगा रहे हो कल तक काम था तो इस चीज़ से कोई प्रॉब्लम नहीं थीं.

तो पियूष मिश्रा ने एक तरह से इन सभी जांच एजेंसीयों की पोल खोल कर रख दी हैं. वैसे किसी भी केस को खत्म कैसे किया जाता हैं वो बताने ये समझाने की ज़रूरत नहीं है. हम आम जनता मेरी पार्टी तेरी पार्टी करके आपस में लड़ते रहते हैं लेकिन सच्चाई ये हैं की जितनी भी पोलिटिकल पार्टीज हैं ये सब अपने ऊपर लगे गुनाहों को एक साथ मिलकर खत्म कर देते हैं.

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