सांवले रंग वालों से बॉलीवुड क्यों चिढ़ता हैं. झूठे विज्ञापन से क्यों बेवक़ूफ़ बना रहा बॉलीवुड !


भारत वो देश हैं जहा पर ज़रूरत की चीज़े नहीं खरीदी जाती बल्कि विज्ञापन देखकर ज़रूरत महसूस कराई जाती हैं. ऐसे कई प्रोडक्ट्स के विज्ञापन आपने देखे होंगे जिसकी ज़रूरत आपको बिलकुल नहीं हैं लेकिन उस प्रोडक्ट्स का विज्ञापन इतने बेहतरीन तरीके से दिखाया जाता हैं जिसे देखकर आपको लगता हैं की यार ये तो मेरे पास होना ही चाहिए.

जब हम छोटे थे तब ये बॉर्न्विटा और होर्लिक्स वाला कांसेप्ट नहीं था. इसे पीकर आपकी हाइट बढ़ जाएगी. हमने तो दूध में शक्कर मिलकर काम चलाया हैं फिर भी हाइट एकदम बढ़िया हैं. लेकिन बॉर्न्विटा और होर्लिक्स पीनेवाले ऐसे कई बच्चों को देखा हैं जिनकी हाइट बढ़ती ही नहीं.बहुत से डॉक्टर्स आपको मना करते हैं की इन चीज़ो को अपने बच्छों को मत दिया करो.

किंडर जॉय. दुनिया का सबसे वाहियात प्रोडक्ट. चालीस पैतालीस रूपये का आता हैं. विज्ञापन में एक माँ कहती हैं. माँ हूँ ना अपने बच्चे को हमेशा अच्छा ही खाने के लिए दूंगी. डाल दिया माँ की ममता का इमोशनल फैक्टर. किसी भी मॉल में चले जाओ. आपका बच्चा आपके साथ हैं और उसने ज़िद्द की मुझे किंडर जॉय लेना हैं तो आप सौ बहाने बना देते हो. ये ख़राब हैं ऐसा है वैसा हैं.

लेकिन रियलिटी ये हैं किंडर जॉय चालीस पैतालीस रूपये का आता हैं. जो किसी काम का नहीं. ये सिर्फ इंडिया में बिकता हैं बाकी कई विकसित देशों में बैन हैं. बैन की वजह हैं इस चॉकलेट का घटीयपन जो आपके बच्चो को बीमार बनाता हैं और साथ ही इसके साथ मिलने वाला वो बेकार सा खिलौना जिसे अधिकतर बच्चे मुँह में डालते है और जो गले में जाकर फंस जाता हैं.

बहुत से ऐसे साबुन हैं जिसे हम इस्तेमाल करते हैं. लेकिन फॉरेन कन्ट्रीज में उन्ही साबुन से जानवरों को नहलाया जाता हैं. अब न सभी का विज्ञापन उन कलाकारों से करवाया जाता हैं जिन्हे आप भगवान् मानते हैं. अब भगवान ने कहा है तो बेहतर ही कहा होगा. लोग आँख बंद कर भरोसा कर लेते हैं. मैं यहाँ पर गाली नहीं दे सकता लेकिन दुनिया का हर भरोसे वाला इंसान ही ___वाला होता हैं.

एक विज्ञापन जो आपको काले से गोरा होने का तरीका बताता हैं. आपको बार बार ये समझाने की कोशिश करता हैं की तुम सांवले रंग के हो तो इंसान कहलाने के लायक नहीं हो. तुम अमीरों और गोर रंग वालो के बीच में बैठने लायक नहीं हो. तुम समाज की सबसे गिरी हुयी प्रजाति के हो. तुम गोर नहीं तो तुम्हारी शादी नहीं होगी. तुम अपनी लाइफ में कभी सफलता प्राप्त ही नहीं कर सकते हो.

काले से गोर बनानेवाले विज्ञापन को देखकर आपको ऐसा लगेगा यार इस दुनिया में पैदा होकर कहीं मैंने गलती तो नहीं कर दी. फिर आपके भीतर का मोटिवेशन आपके दिल और दिमाग में एक बैकग्राउंड म्यूजिक बजायेगा. गोरो की ना कालो की ये दुनिया है दिल वालो को.

गाना बंद होता हैं. फिर आपके दिमाग में आता हैं नहीं ये मोटिवेशन से कुछ नहीं होगा. शाहरुख़, ऐश्वर्या, करीना, दीपिका ये सब बोलते हैं. चार दिन में गोरा बन जाओ सफलता तुम्हारे कदम चूमेगी. वैसे सफलता की गारंटी गुटखा बनानेवाली कम्पनीय भी लेते है.

ऊँचे लोग ऊंची पसंद माणिक चाँद. सफलता पानी है तो गुखा चबाना होगा. बोली जुबां केसरी.दाने दाने में केसर का दम. और घरवाले फ़ालतू में पांच ग्राम केसर का 1699 रुपया दूकान वाले को देकर आते हैं.

एक तरफ यही बॉलीवुड सितारे पान गुटखे का विज्ञापन करते हैं. आपको प्रेरणा देंगे की खाली क्यों बैठे हो खाओ और काम पर लग जाओ. जोश आएगा. बेचार सड़क किनारे पत्थर तोड़नेवाला वो गरीब मजदूर उसके दिमाग में भी ये बात बैठ गयी हैं की खाने से एनर्जी आती हैं. पूरी ज़िंदगी खाता हैं बाद में कैंसर का रोगी बन जाता हैं. तब यही बॉलीवुड सितारे कहते हैं कैंसर ने देश को खोखला कर दिया हैं. कैंसर मरीजों के लिए हमारी संस्था में डोनेट करें.

आपने कभी किसी सेलिब्रिटीज को बायकाट चायनीस प्रोडक्ट, बायकाट गुटखा प्रोडक्ट्स, बायकाट फेयरनेस क्रीम कहते हुए नहीं देखा होगा. एक सेलेब्रिटी की एक सिंपल दो शब्दों की ट्वीट पर भी बवाल हो जाता हैं. दंगे फ़ैल जाते हैं. जितना बड़ा आपका नाम उतनी बड़ी आपकी जिम्मेदारी लेकिन मनी मैटर्स.

इन सितारों की जिम्मेदारी होनी चाहिए की ऐसे किसी प्रोडक्ट्स का विज्ञापन नहीं करे जिससे आम इंसानों की ज़िंदगी को खतरा हो सकता हैं लेकिन पैसे के लिए ये लोग सब करते हैं. कोई आपको गोरा बनाना चाहता हैं कोई आपके भीतर के कॉन्फिडेंस को गुटखा खिलाकर वापस लाना चाहता हैं.

साउथ अफ्रीका के क्रिकटर हाशिम अमला किसी भी शराब के विज्ञापन को अपने जर्सी पर प्रमोट नहीं करते.ये बात सिर्फ उनके धर्म की नहीं बल्कि जिम्मेदारी की भी हैं. जबकि वही शाहरुख़ खान विमल पान मसाला का विज्ञापन सिर्फ इसलिए करते हैं ताकि करोडो कमा सकें. लेकिन बोलो तो शाहरुख़ के फंस भी बुरा मान जाते. जबकि उन्हें खदु समझना चाहिए की मैं जिस स्टार को फॉलो करता हूँ वो गलत काम कर रहा हैं.

इसलिए जिम्मेदारी आपकी हैं की आप क्या करते हो. अगर फेयरनेस क्रीम से गोरा होना आसान होता तो क्रिस गेल और साउथ अफ्रीका के कई ऐसे देश क्रीम लगाकर गोरा बन जाते. अगर गुटखा खाने से सफलता मिलती हैं तो मुकेश अंबानी, अडानी और मोदी जी हर दो मिनट के बाद पॉकेट से गुटखा निकलते और चबाते हुए मिलते.

आपकी सफलता आपकी मेहनत से हैं ना की गुटखा खाने और फेयरनेस क्रीम लगाने से हैं.

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