यही फर्क है बॉलीवुड और साउथ मूवीज में…खुद का वजूद बचाने में लगा बॉलीवुड


किसी ज़माने में बॉलीवुड बेहतरीन फिल्में बनाने के लिए जाना जाता था. आज भी कुछ फिल्मे अच्छी बनती हैं. लेकिन पिछले दस साल में आपने देखा होगा की बॉलीवुड का स्तर लगातार गिरता ही चला जा रहा हैं. बॉलीवुड अब बॉलीवुड कम और कॉपीवूड ज़्यादा लगता हैं. हर चीज़ में कॉपी करता है.

अंडरवर्ल्ड पर किसी ने फिल्म बनाई तो एक के बाद एक सारे निर्माता अंडरवर्ल्ड पर ही फिल्में बनाने लगते हैं. किसी की बायोपिक बनाई तो एक के बाद एक बायोपिक का ही दौर चल पड़ता हैं. ऐतिहासिक फिल्में बनाई तो एक के बाद एक ऐतिहासिक फिल्में बनाने का ही दौर चल पड़ता हैं. प्रॉब्लम इसमें भी नहीं. प्रॉब्लम तब हो जाती हैं जब असली फैक्ट्स को तोड़ मरोड़कर दिखाया जाता हैं.ऐसी कई फिल्में देखी जो सीधे साउथ इंडसट्री से उठा ली गयी. एक एक सीन कॉपी कर लेते हैं. साउथ ना मिला तो सीधे साउथ कोरिया, जापान और चीन की फिल्में उठा लेते हैं.

अगर कोई गाना भी बनता है तो कॉपी कर लेता हैं. बॉलीवुड पर दरअसल एक स्टैम्प लग चूका हैं की बॉलीवुड में ओरिजिनल स्टोरी लिखने की जो क्रिएटिविटी हैं वो खत्म हो चुकी हैं. बना बनाया खाने की आदत हो चुकी हैं. यही वजह भी हैं लोग साउथ सिनेमा को पसंद करते हैं. यहाँ तक की बॉलीवुड से कहीं ज़्यादा अच्छी कहानियाँ तो मराठी फिल्म इंडसट्री लेकर आती हैं. जबकि एक दौर ऐसा भी था जब साउथ सिनेमा और मराठी फिल्म इंडस्ट्री वो फिल्में लेकर नहीं आता था लेकिन अपने टैलेंट को उन लोगो ने पहचाना. ऑडियंस की नब्ज़ पकड़ी की उन्हें क्या चाहिए.

क्या बॉलीवुड सिनेमा खुद का अस्तित्व बचाने के लिए स्ट्रगल रहा हैं ? लगता तो कुछ ऐसा ही हैं ! पहले फिल्में अमिताभ, शाहरुख़ और सलमान के नाम पर बिक जाती थीं. देखा जाये तो इन सभी का एक दौर भी रहा हैं. जिसमे इन सभी ने पैसे और नाम दोनों कमाएं. लेकिन अब ऑडियंस का मूड थोड़ा बदल गया हैं. अब वो ऐसे कलाकारों को पसंद करते हैं जिनकी फिल्में लो बजट की होती हैं जिसमें लीक से हटकर कुछ कहानियाँ होती हैं.

पंकज त्रिपाठी, आयुष्मान खुराना, राजकुमार राव, नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी, इरफ़ान खान, संजय मिश्रा इन कलाकारों की फिल्में लोग देखना पसंद करते हैं. बॉलीवुड से किसी को नफरत नहीं थीं. लेकिन बॉलीवुड ने अपनी जड़ें खुद ही काट दी हैं. अच्छे कलाकारों को मौका देने की जगह हर फिल्म में सिर्फ नेपो किड्स ही देखने को मिलते हैं. अर्जुन कपूर, जान्हवी कपूर, सोनम कपूर जिन्हे ढंग से डायलॉग तक बोलने नहीं आता इन सब के पास एडवांस में पांच छह फिल्में पड़ी हैं.

ऐसा भी नहीं हैं की कोई बाहरी कलाकार जब इनसे आगे निकलता हैं तब ये खुश होते हैं. एक टाइम के बाद उन्ही बाहरी कलाकारों को अनदेखा किया जाने लगता हैं. सुशांत सिंह राजपूत सिर्फ एक उदहारण हैं. सुशांत जैसे ना जाने कितने कलाकार हैं जो बहुत अच्छी एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं लेकिन उन्हें दोबारा मौका ही नहीं मिला.

और जिन कलाकारों को बॉलीवुड में मौका नहीं मिला उन्ही कलाकारों को साउथ सिनेमा ने इतनी फिल्में दी की वो सुपरस्टार बन गए. साउथ सिनेमा में एक जाना माना चेहरे बन गए. आज उनके पास एडवांस में दस दस फिल्में हैं.सोनू सूद को आपने बॉलीवुड से ज़्यादा साउथ सिनेमा में देखा होगा.

अच्छा एक चीज़ ये भी हैं बॉलीवुड साउथ सिनेमा की कॉपी तो कर लेता हैं लेकिन साउथ सिनेमा में जो कल्चर दिखाया जाता हैं वो कॉपी नहीं कर पाता. बल्कि उसकी जगह ऐसी विवाद वाली चीज़े डाल देता हैं जो दर्शको को पसंद ही नहीं आती. खासकर हिंदू धर्म को सबसे ज़्यादा टारगेट करता हैं.

ड्रग्स जैसी चीज़ पूरा भारत में फैली हैं. साउथ सिनेमा में भी कई कलाकार पकडे गए हैं लेकिन बॉलीवुड में इसकी पकड़ कुछ ज़्यादा हैं. आज लॉक डाउन के बाद बॉलीवुड अपनी फिल्में रिलीज़ करने से डर रहा हैं. जिसकी एक नहीं कई वजह हैं. कोरोना, ड्रग्स का मामला, सुशांत सिंह राजपूत केस, बॉलीवुड का बायकाट.

इस लॉक डाउन के बाद साउथ में कई फिल्में रिलीज़ हो गयी जिसमे साउथ की मास्टर ने दो सौ करोड़ रूपये कमाए. साउथ की ही एक और फिल्म सुरराई पोटरु जो करोडो कमाने के साथ ऑस्कर और अकडेमी अवार्ड्स तक जा पहुंची. लेकिन बॉलीवुड में लक्ष्मी, कुली नंबर वन, रूही, मुंबई सागा, सड़क-2 जैसा कई फिल्में फ्लॉप हो जाती हैं. गंगूबाई काठियावाड़ी फिल्म का ट्रेलर आता हैं तो बॉलीवुड को लगता हैं की ये तो बॉक्स ऑफिस का रिकॉर्ड तोड़ देगी. अब तोड़ेगी या खुद टूट जाएगी ये वक्त बताएगा.

लेकिन कंगना रनौत की थालायवी का ट्रेलर आते ही बॉलीवुड के मुँह पर ताला लग जाता हैं.ट्रेलर इतना ज़बरदस्त था की इंडसट्री से एक कलाकार, निर्माता और निर्देशक ने कंगना की तारीफ नहीं की. थालायवी के लिए हंसल मेहता, जूही चावला और कुछ लोगो को छोड़ दे तो किसी ने तारीफ नहीं की. रीज़न सभी को पता हैं क्यूंकि कंगना ने इन सभी को इनकी असली औकात दिखा दी थीं.

अब कोरोना का बहाना दिखाकर सूर्यवंशी, चेहरे,सत्यमेव जयते जैसी फिल्मो ने अपनी रिलीज़ डेट आगे बढ़ा दी हैं. सलमान खान का ट्रेलर रिलीज़ भी संदेह के घेरे में हैं. जबकि कंगना की फिल्म उसी तारीख को आ रही जिस दिन आनी हैं यानी की 23 अप्रैल, 2021. कंगना को ये बात पता हैं की उनकी फिल्म थालायवी बॉक्स ऑफिस पर करोड़ो का बिजनेस करनेवाली हैं.

बस यही फर्क हैं बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के भीतर जो दोनों को एक दूसरे से कही अलग रखता हैं. कुछ लोगो के लिए ये वीडियो ऐसा लग सकता हैं की बॉलीवुड से नफरत हैं इस लिए ऐसा बोल रहा हैं लेकिन रियलिटी यही हैं की आज साउथ सिनेमा ने बॉलीवुड को बहुत पीछे छोड़ दिया हैं.

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