राधा कृष्णा सीरियल सिर्फ झूट ही झूट से भरा हैं | पैसा कमाने और संस्कृति नष्ट करना एकमात्र उद्देश्य


हॉटस्टार पर एक सीरियल आता हैं राधा कृष्णा. जिसके 750. एपिसोड पूरे हो चुके हैं. और ये यकीन के साथ कह सकता हूँ की ये सीरियल आपमें से कई लोगो का पसंदीदा सीरियल हैं. लेकिन रुकिए..इस सीरियल की शुरुवात में ही डिस्क्लेमर आता है इसे मनोरंजन के लिए बनाया गया हैं. यानी मेकर्स का एकमात्र लक्ष्य सिर्फ पैसा कमाना हैं.

राधा कृष्णा सीरियल सिर्फ राधा कृष्णा पर फोकस करके बनाया गया हैं जिसमे कोई सच्चाई नहीं हैं. इस सीरियल को ना देखें तो ही अच्छा हैं. सीरियल में राधा कृष्णा की उम्र बीस के ऊपर हैं और यही से सब गड़बड़ हैं. इस सीरियल में गलत स्टोरी दिखाई जा रही है. जिसे बहुत घटिया सोच वालों ने सिर्फ अपनी जेबें भरने के लिए बनाया है इसका विरोध करके इसे बंद करवाना चाहिए।

इस TV सीरियल में भगवान श्री कृष्ण का चरित्र एक मनचला, फ्लर्ट करने वाला युवक का दिखया जा रहा है, जो कि पूरी तरह से आपत्तिजनक है।

अगर मनोरंजन कार्यक्रम ही दिखाना है तो किसी भी आम लड़का लड़की की कहानी क्यों नहीं दिखाते हमारे देवी-देवताओं को क्यों बदनाम कर रहे हो।

सीरियल के चौथे एपिसोड में दिखाया गया कृष्ण की उम्र बेहद छोटी है. जबकि बलराम की उम्र लगभग आठ दस की दिखाई गयी हैं. जबकि दोनों की उम्र में मात्रा आठ या दस महीने का फर्क था. गोकुल को गोलोक बताया जा रहा हैं.

श्रीकृष्ण की उम्र 16 वर्ष बताई गई है, जो कि सही नहीं है। जबकि सत्य तो यह है कि भगवान श्रीकृष्ण मात्र 11 वर्ष की आयु में गोकुल छोड़कर मथुरा चले गए थे। लेकिन इस सीरियल में उनका रोल एक 24 साल का युवक कर रहा है।

वास्तविकता तो यह है कि 11 वर्ष की आयु के बाद भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमेशा हमेशा के लिए बदल गया था। पलायन, संघर्ष, युद्ध और विनाश में ही उनका सारा जीवन बीत गया। TV सीरियल वाले सिर्फ श्रृंगार रस को बढ़ा चढ़ा कर पेश करते हैं, ताकि उनके द्वारा बनाया गया एपिसोड खूब कमाई करे।

श्रीकृष्ण ने ब्रजभूमि में श्रीराधा और गोपियों संग जितनी भी लीलायें की थीं, वह सब बाल्य अवस्था में ही किये थे।

उन्होंने 6 दिन की आयु में पूतना उद्धार, 5 वर्ष की आयु में अघासुर उद्धर और ब्रह्मा जी का मोह भंग लीला, 6 वर्ष 6 माह की आयु में चीर हरण लीला की, 7 वर्ष की आयु में महारास लीला और अपनी कनिष्का अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाने की लीला, इस तरह माखन चोरी लीला, कालिया नाग दमन लीला, दवानल लीला आदि-आदि विभिन्न लीलायें बाल्यावस्था में ही किये थे।

भगवान श्रीकृष्ण की गोकुल, बरसाना, नंदगाव और वृन्दावन की अन्तिम लीला का पूर्ण विराम,11 वर्ष 54 दिन तक की आयु में ही सिमट कर रह गया था, क्योंकि 11 वर्ष 55 दिन की आयु में, वे मथुरा चले गए थे, जहाँ से दोबारा उनकी वापसी श्रीराधा, गोप और गोपियों तथा नन्द यसोदा के पास नहीं हुई।

ये टेलीविजन वाले राधाकृष्ण के वास्तविक चरित्र की जगह, उनके ऐसे चरित्र को लोगों के सामने पेश करते हैं, जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नही है। यदि TV चैनल वाले राधाकृष्ण की वास्तविक लीला को दिखाएंगे जो कि सिर्फ बाल्यावस्था की लीला है,तो युवावर्ग आकर्षित कैसे होगा और इनकी अधिकतम कमाई कैसे होगी।

आप लोग अपने धार्मिक ग्रंथो, पुराणों का अध्ययन कीजिये और भगवान श्रीकृष्ण के वास्तविक चरित्र को जानिये। उन्होंने सिर्फ बांसुरी ही नहीं बजाई बल्कि जब जरूरत पड़ी धर्म की रक्षा के लिए उन बांसुरी वाले हाथों ने सुदर्शन चक्र भी उठाया है और असुरों का संहार किया है। लेकिन ये सब ये टीवी वाले नहीं दिखाएंगे क्योंकि वे नहीं चाहते लोगों को सच्चा इतिहास पता चले। अगर देखना ही है तो BR चोपड़ा की महाभारत देखो, अपने बच्चों को रामानंद सागर जी की रामायण व श्री कृष्णा धारावाहिक दिखाओ।

इस सीरियल के हर एपिसोड को बढ़ा चढ़कर गलत तरीके से बताया दिखाया जा रहा हैं. अगर विस्तार में जाकर बात करू तो एक एक किरदार को सिर्फ गलत और गलत दिखाया गया हैं.

कई एपिसोड में तो राधा जी को नफरत करनेवाली औरत के रूप में दिखाया गया हैं. बलराम शेषनाग के अवतार थे बेहद बलशाली और गदायुद्ध में महारथ हांसिल थीं लेकिन इस सीरियल में उन्हें सिर्फ एक मज़ाक का पत्र बना कर रख दिया हैं. जिनका जन्म सिर्फ राधा और कृष्ण को मिलाने के लिए हुआ हैं. जो मेकउप कराया गया वो भी सही नहीं.

इस सीरियल में गोपादेवी और बालदेवी नाम का भी किरदार किया गया हैं जिसमे बलराम ने बलादेवी के रूप में औरतों वाला श्रृंगार किया हैं और राधे जी के भाई को बलादेवी से प्यार हो जाता हैं. समझ सकते हैं यहाँ बलराम जी की कितनी डिरेसपेक्ट की गयी हैं.

भगवन श्री कृष्णा ने कंस को मात्र ग्यारह वर्ष की उम्र में मारा था लेकिन यहाँ पर कृष्ण की उम्र बीस हो चुकी हैं और कंस ज़िंदा हैं और कृष्णा को बस राधा जी के साथ लव एंगल में दिखाया जा रहा हैं.

गोकुल ग्वालो नगरी थीं जिसमे गाय का होना बहुत महत्वपूर्ण हैं लेकिन सीरियल में एक दो सीन छोड़ककर कहीं गाय नहीं दिखाई गयी सिर्फ जंगल और मोर.

पूरे सीरियल का एकमारा निष्कर्ष ये हैं की श्री कृष्णा का जन्म सिर्फ राधा को पाने के लिए हुआ हैं. सीरियल का नाम राधाकृष्ण रख देना ये मतलब नहीं की उसी कहानी को जबरन घसीटे जाओ जिसमे कोई सच्चाई नहीं.

भगवान विष्णु श्रीकृष्ण के रूप में पृथ्वी पर क्यों आए? कंस को मारने ? नहीं.
राक्षसों का वध करने के लिए ? नहीं.
धर्म की स्थापना करना ? नहीं.
वो धरती पर आये सिर्फ राधा जी से प्रेम करने के लिए. बस यही सीरियल के मेकर्स बता रहे हैं.

कृष्णा को इस सीरियल में कृष्णा कम और शाहरुख़ खान ज़्यादा बना दिया गया जिसमे वो राधा के लिए रोते नज़र आते हैं.

सीरियल में द्वारका नगर को पानी में पहले से ही दिखाया गया हैं जबकि गांधारी के श्राप के ३६ साल बाद कृष्णा जी की मौत होती हैं और द्वारका डूब जाती हैं लेकिन यहाँ तो पहले से ही VFX मारकर डूबा दिखाया गया हैं.

एक मायथोलॉजिकल सीरियल राधा कृष्णा को किस केटेगरी में डाला गया हैं रोमांस. जिन लोगो को भगवान श्री कृष्ण के किरदार के बारे में नहीं पता उन्हें ये सीरियल पसंद आएगा. क्यूंकि इसमें दिखाया गया हैं प्यार मोहब्बत. VFX. दुनियाभर की गलत स्टोरी जिसके बारे में उन्हें पता तक नहीं.

भगवान श्री कृष्ण के किरदार को सही तरीके से पढ़ लोगे तो इस सीरियल के एक एक सीन पर हज़ारो गलतीया निकल आएगी. आप बिलकुल ये मत सोचना की सीरियल में जो दिखाया जा रहा हैं वो किसी वेद पुराण या किसी भी हिंदू ग्रन्थ में लिखी हैं ये सब हिन्दू धर्म को बदनाम करनेवाली किताब में लिखी गयी हैं.

इस सीरियल में सच्चाई कम और एकता कपूर वाली फीलिंग कूट कूटकर भरी गयी हैं. लेकिन अफ़सोस की बात ये हैं की किसी ने इसका विरोध नहीं किया.

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