Bollywood इस तरह हो रहा बरबाद और उसे खबर तक नहीं | 2 साल में Bollywood में बढ़ेगा Unemployment


बॉलीवुड ये शब्द जब आपके कानो में पड़ता हैं तब कुछ जाने माने चेहरे, कुछ फिल्मे और ढेर सारे विवाद नज़र आते हैं. एक दौर था जब इंडिया में बॉलीवुड ही सब कुछ हुआ करता था. सरहद पर खड़े सिपाही को लोग हीरो नहीं मानते थे उनके असली हीरो तो बॉलीवुड वाले थे. वही इनके आइडल वही उनके भगवान.

लेकिन सिर्फ एक साल में सब कुछ बदल गया ? क्या आपको लगता हैं बॉलीवुड अब बरबाद होती इंडसट्री बनती जा रही हैं. मुझे ऐसा लगता हैं. इस वीडियो को देखने के बाद आपको भी ऐसा ही लगनेवाला हैं.

फिल्म की कहानी और स्क्रिप्ट : बॉलीवुड ने साल 2005. के बाद से रीमेक पर काम करना शुरू किया. ये काम कई सालो तक चलता रहा. तब तक जब तक सोशल मीडिया का इतना प्रचार प्रसार नहीं हुआ था. चोरी की कहानी, रीमेक पर बनी फिल्म हर किसी को पसंद आ रही थीं क्यूंकि इन फिल्मो में उनके सुपरस्टार्स थे.

लेकिन फिर इसकी पोल खुलनी शुरू हो गयी. ये पोल तब खुलने लगा जब साउथ सिनेमा में बेहतर डबिंग वाली फिल्मे बनने लगी. एक के बाद एक कई फिल्मे टीवी पर दिखने लगी जिसे देखने के बाद आपको लगने लगा यार ये फिल्म देखी हुयी लगती हैं. ठीक यही काम हॉलीवुड की फिल्मो के साथ होने लगा.

फिर आपको यकीन होने लगा यार बॉलीवुड तो सिर्फ कलाकारों को बदल रहा बाकी फिल्मे तो चोरी की बना रहा हैं. आपका विश्वास उठने लगा.

बड़े स्टार्स और आइटम डांस : आपने कई ऐसे फिल्मे देखी जिसमे कहानी का पता नहीं. सिर्फ जाने माने चेहरे, नाच गाना जो समझ में नहीं आता ना उस गाने की लाइन कुछ दिन बाद याद रहती. बहुत हुआ तो फिल्म में तड़का लगाने के लिए आइटम डांस रखवा दिया. ठीक वैसे जैसे गाँव देहात की शादियों में भारतीयों का मन लगाए रखने के लिए लड़को को लड़की वाले कपडे पहना लवंडा डांस रखवा दिया जाता हैं.

एक ही तरह की फिल्मे : बॉलीवुड में एक किसी थीम पर कोई फिल्म बनती हैं तो उसी थीम पर और फिल्मे बनाना शुरू हो जाती हैं. मसलन क्रिकेट पर बायोपिक बनी तो सब क्रिकेट ही खेलने लगे, ऐतिहासिक फिल्मे बन रही है तो सब वही बना रहे. हालाँकि वो अलग बात हैं की ऐतिहासिक फिल्मो की माताजी और बहनजी करने में बॉलीवुड कोई कसर नहीं छोड़ता. कहानी में इतनी छेड़खानी होती हैं जितना किसी गली और चौराहे पर खड़ी छपरी गुंडा किसी लड़के को नहीं छेड़ता.

सुशांत केस : बॉलीवुड का सबसे ज़्यादा नुक्सान सुशांत सिंह राजपूत केस के चलते हुआ. मलतब इस केस ने बॉलीवुड की पूरी पोल खोल दी. मीडिया ने जितनी इमेज इन लोगो को बनाई थीं सोशल मीडिया ने उतनी ही इज्जत निकाल दी. पूरा का पूरा सच सामने लाकर रख दिया. अगर सोशल मीडिया नहीं होता तो सुशांत मामला इतना आगे नहीं जाता. बॉलीवुड वाले मीडिया को पैसे देकर सब रफा दफा कर देते.

ठीक वैसे ही जैसे राज कुंद्रा वाला केस मीडिया ने पूरी फॅमिली को महान साबित कर दिया. कुछ दिन बाद राज कुंद्रा पर बायोपिक भी बनेगी. जिसमे उसे महान बताया जाएगा जो किसी को हज़म नहीं होगा.

हिन्दू विरोधी : लगभग हर फिल्म में हिन्दू धर्म के खिलाफ कुछ ना कुछ देखने को मिलता जो भारत जैसे देश में पसंद नहीं किया जा रहा हैं. ये चीज़े शार्ट टर्म के लिए काम करती हैं लेकिन लॉन्ग टर्म के हिसाब से खुद को बर्बाद कर रही हैं. ऊपर से बॉलीवुड के ऐसे कई सितारे हैं जो देश विरोधी बातें करते हैं देश का विरोध करने वालो के साथ खड़े नज़र आते हैं.

ड्रग्स : जिन सितारों को लोग साफ़ सुथरा मानते थे बाद में पता चला ये लोग बिना ड्रग्स लिए ज़िंदा ही नहीं रह सकते. 90% बॉलीवुड को लोग किसी ना किसी रूप में ड्रग्स लेते ही हैं. जो नहीं लेता उन्हें लेना पड़ता हैं क्यूंकि सर्किल ही ऐसा बन जाता हैं.

नेपोटिस्म : अगर मै कहूं की आप भुवन बाम, आशीष चंचलानी और बाकी पॉपुआलर यूटुबेरस और नेपौकिडस में किसी देखना पसंद करोगे तो आपका जवाब यही होगा की यार नेपौकिडस के पूरे करियर को मिला दो और इन यू टूबरस के कुछ मिनट के वीडियो देख लो नेपौकिडस कहीं खड़े नज़र नहीं आते. हां वो अलग बात हैं जिन्हे कंटेंट की समझ नहीं उनके लिए नेपौकिडस महान है भगवान हैं.

नेपौकिडस की एक लम्बी फ़ौज बॉलीवुड में पडी हैं और कुछ नयी फैसले भी लगातार आ रही हैं आनेवाला समय बॉलीवुड के लिए कतई भयंकर हैं.

अंडरवर्ल्ड : बॉलीवुड के ज़्यादातर सेलेब्रिटीज़ का लिंक किसी ना किसी रूप में अंडरवर्ल्ड से जुड़ा हैं. चाहे बिजनेस को लेकर हो, फिल्म प्रोडक्शन को लेकर हो, ड्रग्स को लेकर हो, सेक्स रैकेट को लेकर हो या कोई और बुरा बिजनेस इसने भी बॉलीवुड की इमेज खराब कर दी हैं.

कोरोना : कोरोना ने एक तरह से बॉलीवुड के स्टारडम को खत्म कर दिया हैं. आगे क्या होगा पता नहीं. लेकिन सिनेमाघर आनेवाले समय में एक सपना बनकर रह जाएगा. कई सिनेमाघर हमेशा हमेशा के लिए बंद हो गए हैं. कुछ साल खत्म होते होते बंद हो जायेंगे.

सिनेमाघर में जाकर फिल्मे देखना अब किसी को पसंद नहीं. इसकी जगह OTT. ने ले ली हैं. क्यूंकि फिल्म बनाना मतलब बहुत सारा पैसा लगाना. अगर उसकी भरपाई नहीं होगी तो निर्मता बर्बाद हो जाएगा. सिनेमाघर आज के समय में गारंटी नहीं देता की कोई ऑडियंस आएगी या नहीं.

लेकिन OTT. पर ये गारंटी है की फिल्म में कौन काम कर रहा है उसके हिसाब से फिल्म के खर्चे को निकालकर कुछ प्रॉफिट में फिल्मे OTT. को बेची जा रही हैं. अब वहा से भी होता ये हैं की सब्सक्रिप्शन लेता कोई नहीं सब कहीं ना कहीं से जुगाड़ कर डाउनलोड कर लेते हैं. या फिर एक ने सब्सक्रिप्शन लिया तो बाकी लोग काम चला लेते हैं.

TVF : बॉलीवुड की फिल्मे देखने से बेहतर लोग TVF. की वेब सीरीज देख ले तो उसमे सब कुछ मिल जाएगा, बेहतर स्क्रिप्ट, बेहतर एक्टर्स, बेहतर डायरेकशन, बेहतर गाने, बेहतर म्यूजिक यानी सब कुछ बेहतर. जितना पसंद लोग TVF. वेब सीरीज में काम करने वाले एक्टर्स को पसंद करते हैं उतना बॉलीवुड के नेपौकिडस को पसंद नहीं करते.

और भी बहुत सी वजह है जिसके चलते बॉलीवुड धीरे धीरे बर्बादी की कगार पर चला जाएगा. ये बात अभी समझ ना आये लेकिन कुछ साल बाद यकीन ज़रूर होगा. बॉलीवुड अपनी कब्र खुद ही खोद रहा हैं. दो सालो में हज़ारो करोडो का नुक्सान हो चुका हैं लेकिन अपनी नीतिया बदलने को वो तैयार नहीं हैं. और जो बिजनेस अपने तौर तरीके नहीं बदलता वो डूब जाता हैं.


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