अय्याशी में बर्बाद हो गए बाबा का ढाबा फिर से मांग रहे मदद | गौरव ने कहा सब कर्मो का फल


एक कहावत है जैसी करनी वैसी भरनी. ये बात बाबा का ढाबा वाले कांताप्रसाद पर खूब जमती हैं. मेरी अपनी राय हैं की मदद सोच समझकर की जानी चाहिए और इतनी भी मदद ना कर दो की सामनेवाला घमंड में चकनाचूर हो जाये. उसे लगे की ये तो उसका टैलेंट हैं जिसके चलते उसे इतने पैसे मिल गए.

कोरोना के बाद बाबा रो रहे रहे थे की उनका धंदा नहीं हो रहा रहा. यू टूबर गौरव वसन ने कहा बाबा टेंशन ना लो मैं तुम्हारी मदद करूँगा. उसके बाद गौरव की वीडियो वायरल होते ही दिल्ली में तहलका मच गया. मानो बाबा इकलौते ऐसे इंसान थे जिनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूटा था.

बाबा के ढाबे पर जमकर भीड़ लगी इतनी लगी की दो दो किलोमीटर लाइन लगाकर लोगो ने बाबा के ढाबे की पुरिया खाइ. जो मीडिया पैसे लिए बिना खबर नहीं दिखाती वो वहा पहुंचकर बाबा का इंटरव्यू ऐसे ले रही थीं मानो बाबा भारत के अगले प्रधानमंत्री बनाने वाले हो.

इसी के साथ बाबा को ऑनलाइन डोनेशन मिलने लगा. जो साथ लाख रूपये तक पहुंच गया. बाबा और उनकी पत्नी दोनों के आँखों का इलाज हो गया. अब डोनेशन वाले कहानी में कुछ बॉलीवुड सेलिब्रिटीज ने भी बाबा को पैसे दिए थे. इसी बीच बाबा को किसी ने गुरु मंत्र दे दिया की बाबा, गौरव तुम्हे बेवक़ूफ़ बना रहा हैं. आपके नाम पर उसने लाखो रूपये अपने अकाउंट में जमा कर लिए हैं.

अब बाबा को लगा. ससुरा नाम हमारा ले रहा हैं. आंसू हम टपका रहे हैं और पैसे ये गौरव जमा कर रहा हैं. रातोरात बाबा ने एक वकील हायर कर लिया. गौरव पर केस हुआ की गौरव ने बाबा के पैसे खा लिए. जो बाबा कल तक आँखों से गंगा जमुना टपका रहे थे अब वो अदालत में उस शक्श के खिलाफ केस लड़ रहे थे जिसने उनकी मदद की.

और एक बात याद रखों ये दुनिया का वसूल हैं बिना मांगे मदद करोगे तो बीच बाजार इज्जत लुटवा दोगे. बाबा ने भी यही कहा की हमें गरूत्व से मदद नहीं माँगी वो खुद हमारे पास आया था. क्यों भैया तुम क्या भगवान् हो जो तुम्हे जल चढ़ाने के लिए भक्त तुम्हरे पास आया था.

गौरव ने सब हिसाब किताब दे दिया की मैंने अपने अकाउंट में एक भी पैसा नहीं रखा हैं वो भी सबूत के साथ. बाबा के अकाउंट में साठ लाख रूपये जमा हो गए. जो बाबा एक एक रूपये के लिए तरस रहा था अब वो साठ लाख का मालिक हो गया. बाबा ने दिल्ली के महंगे इलाके में अपना रेस्टोरेंट खोल दिया.

अब खबर ये आ रही हैं की बाबा का ढाबा यानी कांताप्रसाद ज़्यदा नहीं बस थोड़ा सा बर्बाद हो गए हैं. और फिर से अपने ढाबे पर लौट आये हैं. बाबा का कहना हैं की रेस्टोरेंट का खर्च एक लाख रुपये से अधिक का था और आमदनी 35-40 हजार रुपये की। इस वजह से रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा। रेस्टोरेंट का रेंट 35 हजार था, रसोइया और दूसरे स्टाफ का खर्च 36 हजार और बिजली पानी का बिल मिलाकर कुल एक लाख से अधिक था। आमदनी कभी 30 कभी 40 और 45 हजार रुपये की हो रही थी इसलिए बंद कर दिया।

ये तो होना ही था. अब जिसकी औकात बिस्किट खाने की हो उसे रोज़ काजू कतली खाने के लिए दोगे तो अंजाम ऐ गुलिस्तां ऐसा ही होता हैं. अब बाबा कहते हैं की गौरव के खिलाफ शिकायत हमने नहीं की वो सब ग़लतफ़हमी थीं. बाबा फिर से मदद मांगने की तैयारी में हैं. लेकिन जनता अब समझदार हो चुकी हैं.

बाबा और बॉलीवुड सेलिब्रिटीज दोनों ही इस वक्त गाली कहा रहे हैं. इसलिए ज़रूरत से अधिक किसी को सर पर नहीं चढ़ाना चाहिए वरना उतरना मुश्किल हो जाता हैं.

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