ARNAB GOSWAMI की गिरफ़्तारी पर कई MEDIA HOUSE खुश | असली वजह कुछ और हैं.


अर्नब गोस्वामी की गिरफ़्तारी पर बहुत से ऐसे लोग हैं जो खुश हो रहे हैं. मानों उन्हें करोड़ों की लाटरी लग गयी हैं. ये वही लोग हैं जब एनडीटीवी को एक दिन के लिए बेन कर दिया गया था तब ये लोग लोकतंत्र की ह्त्या बता रहे थे. चौथे स्तम्भ के ऊपर हमला बता रहे हैं. अब यही लोग अर्नब के मामले में मिठाईयां बाँट रहे हैं. बहुत से मीडिया हाउस इसे अपनी जीत मानकर चल रहे हैं. मानों अर्नब उनके कितने बड़े दुश्मन थे.

अर्नब की गिरफ़्तारी पर कई लोग ने इसकी कड़ी निंदा की हैं खासकर बीजेपी पार्टी जो सिर्फ कड़ी निंदा के लिए ही जानी जाती हैं. पिछले चार महीने से अर्नब पर लगातार हमला हो रहा हैं. कंगना का ऑफिस तोड़ दिया गया. इसमें लोकतंत्रा की हत्या नहीं होती हैं और इस मामले में बीजेपी सिर्फ हाथ पर हाथ धरे बैठी हैं. खबर ये आ रही हैं की अर्नब को १४ दिन की रिमांड पर भेज दिया गया हैं.

अर्नब को गिरफ्तार करने की वजह ये निकलकर आई की साल २०१८ में एक आत्महत्या का केस बंद हो गया था जिसे फिर से खोल दिया गया हैं. बात ऐसी हैं की अर्नब ने एक इंटीरियर डिज़ाइनर को आत्महत्या के लिए उकसाया था. जिसमे उसके जान चली गयी. अर्नब के साथ पुलिस ने फिरोज शेख और नितेश सारदा को भी गिरफ्तार किया हैं. इन सभी पर आरोप हैं की इन लोगो ने पांच करोड़ चालीस लाख रूपये का बकाया रखा था जिसके चलते अन्वय नाइक ने आत्महत्या कर ली थीं. लेकिन रिपब्लिक टीवी ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया था.

अर्नब की गिरफ्तारी पर एक्ट्रेस कंगना रनौत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘मैं महाराष्ट्र सरकार से पूछना चाहती हूं कि कितनी आवाज बंद करेगी. ये मुंह बढ़ते जाएंगे. आज से पहले कई शहीदों ने अपनी शहादत दी है. आखिर इतना गुस्सा क्यों आता है.’

सवाल ये हैं की अर्नब को गिरफ्तार किया सो किया लेकिन जो तरीका था वो बिलकुल सही नहीं था. बिना नोटिस के उन्हें गिरफ्तार किया गया. उनके घर उनके साथ, उनकी बीवी और लड़के के साथ मारपीट की गयी. अर्नब ने ये आरोप लगाया हैं की उन्हें शारीरिक रूप से टॉर्चर किया गया हैं. अर्नब के बचाव में पूरे देश में जनाक्रोश दिखा. रैलियां निकली गयी. लोगो का कहना हैं की उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस से सवा पूछे जिसके चलते उनके साथ ये सब हो रहा हैं.

सवाल ये भी हैं की गौर लंकेश की हत्या पर कुछ लोग दुःख जाता रहे थे. रविश कुमार पर बात आती हैं तो उनका खून खौल जाता हैं. तो फिर अर्नब की गिरफ्तार पर ख़ुशी क्यों ? इसलिए की अर्नब ने सुशांत के लिए आवाज़ उठाई. अर्नब ने पालघर साधुओं के लिए आवाज़ उठाई. अर्नब ने कंगना के लिए आवाज़ उठाई. पत्रकार कोई भी हो अगर उसने गुनाह किया हैं तो सज़ा मिलनी चाहिए. लेकिन हर चीज़ को हिन्दू मुस्लिम, बीजेपी कांग्रेस से जोड़कर देखोगे तो. आज मेरी बारी तो कल तेरी बारी वाली बात होगी.

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