मोदी को चोर बतानेवाले खुद ही टैक्सचोर निकले काले धन के फांदेबाज़


चोरी करो लेकिन चोरी जब पकड़ी जाये तो सरकार को गालीया दो की मोदी के खिलाफ बोला तो इनकम टैक्स की रेड पड़वा दी. तो कुछ ऐसा हाल हैं बॉलीवुड के दो मुँहबोले महान देशभक्त अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू. इनके ऊपर आरोप ये हैं की इन्होने टैक्स चोरी की हैं. वो भी छोटी वाली नहीं. पूरे तीन सौ सत्तर करोड़ रूपये की.

अपनी फिल्मों में ये लोग दिखाते हैं की समाज में कितना गलत हो रहा हैं. राजनीती हमारे देश को बर्बाद कर रही हैं. लेकिन खुद टैक्स की चोरी करके देश को जो चुना लगा रहे हैं वो भी बिना कथ्थे वाला उसके बारे में क्या कहना.

दरअसल बॉलीवुड में जितने भी बड़े बड़े अपराधी हैं ये खुद को जनता की नज़र में बचाते कैसे हैं. और उसी जनता के इमोशन का फायदा उठाकर कमाते कैसे हैं. इनका काम ये होता हैं की जो सरकार के विरोध में खड़ा हो तुम उसकी आवाज़ बन जाओ. साल 2014 के पहले तक बॉलीवुड के सितारे कभी भी सरकार के विरोध में नहीं लिखते थे. लेकिन मोदी के आने के बाद सरकार की तरफ से जो फायदा इन्हे मिलता था वो मिलना बंद हो गया.

आपने गौर किया होगा की पिछले कुछ साल से पदमश्री जैसा सम्मानित पुरस्कार हमारे और आपके बीच से ही एक आम इंसान को मिलता हैं जो वाकई में देश के लिए कुछ अच्छा करता हैं. लेकिन पहले क्या होता था. जो सरकार की जितनी चापलूसी करता था पदमश्री उसे ही दिया जाता था. इसमें बॉलीवुड के कई ऐसे कलाकार हैं जो उस काबिल ही नहीं हैं की उन्हें साधारण सा सम्मान भी दिया जाएं.

यकीन मानो अगर कांग्रेस की सरकार होती तो स्वरा भास्कर और तापसी पन्नू को भी अब तक पदमश्री से सम्मानित किया जा चुका होता हैं. ठीक वैसे ही जैसे राजदीप सरदेसाई और बरखा दत्त जैसे लोगो को पदमश्री उठाकर बस दे दिया गया हैं जबकि इनकी पूरी पत्रकारिता देश को खोखला करने में लगी हैं.

अब यही लोग क्या करते हैं. अगर सीआईए और एनआरसी आया तो उसका विरोध करो. जबकि ये किसी भी भारतीय के लिए नहीं हैं चाहे वो किसी भी धर्म का हैं. हम भी नहीं चाहते की हमारे किसी मुस्लिम भाई बहन के साथ कुछ गलत हो. ट्रिपल तलाक आया तो उसका विरोध करो. जबकि इसका विरोध होना ही नहीं चाहिए. क्या किसी औरत की ज़िदंगी बर्बाद करना अच्छी बात हैं.

नोटबंदी आई तो उसका विरोध करो. धारा 370 हटा तो उसका विरोध करो. यही बॉलीवुड जब कठुआ में एक बच्ची का बलात्कार होता हैं तो उसे हिन्दू धर्म और मंदिर से जोड़ देता हैं ताकि हिन्दू और मुस्लिम में और भी भेदभाव फैले और सरकार के खिलाफ उनका एजेंडा काम कर जाएं. जबकि हमारे देश में हर रोज़ ना जाने कितने ही बलात्कार होते हैं.

क्या आपने किसी भी बॉलीवुड कलाकार का ट्वीट या पला कार्ड देखा जब आयेशा ने दहेज़ के चलते अहमदाबाद के साबरमती नदी में कूद कर जान दे दी. खुद टैक्स की चोरी, ड्रग्स का धंदा, देहव्यापार, फिल्मों में आतंक को बढ़ावा, धार्मिक भेदभाव जैसी चीज़े करते और दिखते हैं. लेकिन ये आवाज़ किसकी बनाने का काम करते हैं. किसान आंदोलन की.

क्या किसानो के लिए बॉलीवुड ने कभी कुछ किया. लेकिन पंजाब और हरियाणा के किसान मधि के खिलाफ हैं तो किसानों की आवाज़ बन जाओ. ट्वीट करो और विपक्ष और पाकिस्तान जैसे देश से पैसे कमाओ.

किसान आंदोलन की आवाज़ बनकर सिख धर्म को बदनाम भी करने की साजिश की गयी ताकि सरकार को कोसा जा सकें. कहने का मतलब यही हैं की जनता की आवाज़ बनो. उनके नाम पर ट्वीट करो. ट्वीट के पैसे कमाओ. जब सरकार के खिलाफ रहो तो विपक्ष की नज़र में आ जाओ. और जमकर पैसे कमाओ. बनाओ. अपनी फ़िल्मी में लगाओ. जितनी देशविरोधी चीज़े हैं वो सब करो.

आईटी की टीम ने अब तक मुंबई के लोखंडवाला, पुणे,अंधेरी, बांद्रा जैसे कूल मिलकर २८ जगहों पर रेड डाली गयी. अनुराग कश्यप, विक्रमादित्य मोटवाने, मधु मंटेना और विकास बहल ने 2010 में फैंटम फिल्म्स को लॉन्च किया था। अब इन चारो पर आरोप ये हैं की इन लोगो ने अपनी फिल्मों से जो कमाए की थीं उसमे बहुत बड़ा घोटाला किया हैं. इन चारों पर आरोप है कि फैंटम फिल्म से हुई कमाई की सही डिटेल इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को नहीं दी गई और इनकम कम दिखाई गई।

मधु मंटेना ने एक महीने पहले ही फैंटम फिल्म्स में अनुराग कश्यप, विकास बहल और विक्रमादित्य मोटवानी का कुल 37.5% हिस्सा भी खरीद लिया। मंटेना के पास 12.5% शेयर पहले से था। 5 फ्लॉप फिल्मों के बाद भी मधु मंटेना ने 500 करोड़ के बजट में रामायण पर और 200 करोड़ में द्रौपदी (महाभारत) पर फिल्म बनाने की घोषणा की थी, तब से IT के रडार पर थे।

जो लोग ये बोलते हैं की मोदी अम्बानी फॅमिली पर मेहरबान हैं तो उनकी जानकारी के लिए बता दूँ की अनिल अम्बानी की रेलाइन्स एंटरटेनमेंट पर भी रेड पडी हैं. फैंटम फिल्म्स प्रोडक्शन हाउस में बाकी 50% हिस्सेदारी अनिल अंबानी ग्रुप की रिलायंस एंटरटेनमेंट के पास है। इसी वजह से छापे किसी न किसी तरह से एक-दूसरे से कनेक्टेड हैं। कंपनी के CEO के दफ्तर पर भी बुधवार को छापा पड़ा।

क्वान और एक्सीड कंपनी के ठिकानों पर भी इनकम टैक्स के अफसरों ने छापे मारे। क्वान टैलेंट हंट कंपनी और एक्सीड टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी है। क्वान पर मधु मंटेना का कंट्रोल है। इनकम टैक्स की एक टीम तापसी का PR देखने वाली कंपनी KRI एंटरटेनमेंट के दफ्तर भी पहुंची थी.

बॉलीवुड इंडस्ट्री से जुड़े अनाउंसमेंट्स पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स ने कहा- तापसी पन्नू के पास मौजूदा समय में ढेर सारी फिल्में हैं। एक फिल्म का वे 8 करोड़ चार्ज करती हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उनकी प्रॉपर्टी का ब्यौरा रख रहा था। तापसी के पास 44 करोड़ की संपत्ति बताई जाती है।

ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक, अनुराग कश्यप की फिल्में लगातार फ्लॉप होती रहीं, लेकिन उनकी प्रॉपर्टीज उस अनुपात में ज्यादा होने का शक है। इसलिए वे भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के रडार पर आए हैं। वेबसाइट सीएनॉलेज के मुताबिक, अनुराग कश्यप के पास 806 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी है। एक फिल्म का निर्देशन करने के लिए अनुराग को तकरीबन 11 करोड़ रुपए मिलते हैं। हर साल वे करीब 9.8 करोड़ रुपए का इनकम टैक्स भरते हैं।

अब सोच लो सरकार को ज्ञान देने वाले अनरुआज कश्यप और तापसी पनु जैसे कई फिल्ममेकर्स को कुछ राजनैतिक पार्टियां क्यों बचाना चाहती हैं.

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