हिन्दू विरोधी मुनावर फारुकी का 12 शो कैंसिल तो रो पडी स्वरा और तांडव वाला ज़ीशान


अच्छा कोई नशेड़ी आपको ये बोले की नशा मत करो इससे आपकी ज़िंदगी ख़राब हो सकती हैं तो कैसे महसूस होगा आपको ? यही लगेगा ना की या तो इसे नशा ज़्यादा हो गया हैं या फिर ये सठिया गया हैं. एक सड़कछाप कॉमेडियन हैं मुनावर फारुकी. कुछ लोग को कॉमेडियन लगता हैं क्यूंकि वो कॉमेडी नहीं करता बल्कि हिन्दू धर्म और देवी देवताओं पर अभद्र टिप्पणियां करता हैं.

जिसके चलते उसकी जमकर कुटाई भी की गयी और जेल में भी बंद रहा. अब जब से जेल से छोटा हैं तब से लेकर अब तक जहा भी उसके शो होते हैं वो कैंसिल कर दिए जाते हैं और होना भी यही चाहिए.

एक तरफ मुस्लिम धर्म में ईशनिंदा को लेकर कानून बनाये जा रहे हैं की मुस्लिम धर्म का कोई मज़ाल नहीं बना सकें और बनाना भी नहीं चाहिए. और इस चीज़ का सपोर्ट भी उनके धर्म में होता हैं लेकिन यही काम अगर हिन्दू धर्म में हो तो गलत हैं. अभिव्यक्ति की आज़ादी छीन लेने वाला बन जाता हैं.

मतलब खुद की दही को खट्टा नहीं बोलना हैं. अब मुनावर फारुकी का शो कैंसिल होने से दो लोगो को मिर्ची लगी हैं. सबसे पहले सुनो मुनावर ने क्या बोला ” ये कहता हैं “नफरत जीत गई, कलाकार हार गया। मैं अब कुछ नहीं कर रहा। अलविदा। अन्याय।”

अब तू किस बात का कलाकार है बे .. हिन्दू धर्म और देवी देवताओ पर गंदे मज़ाक करना कलाकारी नहीं. प्रोपगंडा होता है. जिसे करने के बाद तू पॉपुलर हुआ लोग तुझे जानने लगे और बाकी लोग भी यही करते हैं जिसे तुम जैसे बेवक़ूफ़ फ्रीडम ऑफ़ स्पीच का नाम दे देते हो.

अब आल टाइम फुकटीया एक्ट्रेस जिसे कोई भाव नहीं देता वो क्या लिखती हैं ” नफरत और कट्टरता का प्रोजेक्ट हमेशा एक मुखर, तार्किक, पढ़े-लिखे और प्रतिभाशाली ‘अन्य’ से नफरत करता है, जो लोगों से अपनी पहचान से परे जुड़ते हैं। कोई गलती न करें मुनव्वर, उमर खालिद और ऐसे अन्य मुखर मुसलमान एक बहुत बड़ा खतरा हैं हिंदुत्व के लिए।”

एक अन्य पोस्ट में स्वरा ने लिखा, “यह बेहद दुखद और शर्मनाक है कि एक समाज के तौर पर हमने कैसे ऐसी बदमाशी को नॉर्मल समझ लिया है। हमें माफ करना मुनव्वर।”

इसे सीरियस लेने की ज़रूरत नहीं ये फ्री फण्ड वाली औरत है जब भी कोई हिन्दू धर्म को गाली देता ये अपनी बीप बीप बीप रोना शुरू कर देती हैं.

अब तांडव में भगवान शिव का मज़ाक बनाने वाला दो टेक का कलाकार ज़ीशान क्या कहता हैं : एक समाज के तौर पर हम एक बार फिर फेल हो गए। लेकिन, मुनव्वर भाई, उम्मीद मत छोड़ो, तुम्हें जल्द स्टेज पर वापस देखने की इच्छा रखता हूं।”

समाज ..इनका समाज बस यही हैं की हिन्दू धर्म को गाली दो और मज़ाक बनाओ. ये बार बार यही कहता हैं की मुझसे डिबेट करो तुम लोगो को ज्ञान नहीं हैं मेरे से ज़्यदा. बेटा तुम जैसे लोग डिबेट छोड़ो बात करे लायक तक नहीं. और रही डिबेट की बात तो कहीं टिक नहीं पाओगे.

तो ये है इनका काम दिन भर हिन्दू धर्म को गाली दो. मुस्लिम विक्टिम कार्ड खेलो. ताकि अपनी राजनीती चमकाओ और जमकर आपसी कमाओ.


Like it? Share with your friends!

204

You may also like

More From: News

DON'T MISS