स्टारकिड्स ओउटसाइडर्स की तरह रोते नहीं टैलेंट और मेहनत से आगे जाते – सोनाक्षी सिन्हा


सोनाक्षी सिन्हा डिजिटल डेब्यू करने वाली है इसलिए सोचा कुछ तो बड़ी बात बोलू. लेकिन मुँह खोला और रायता फैला दिया. सोनाक्षी का ये कहना है की स्टार किड्स को भी कई फिल्म प्रॉजेक्ट्स से हाथ धोना पड़ता हैं. स्टारकिड्स को भी किसी ना किसी वजह से फिल्मो से निकला गया है.

स्टारकिड्स पर बहस करने बेकार हैं. बस वह ऐसे ही किसी के पास रोने नहीं जाते हैं। यह सभी के साथ होता है, बस इससे निपटना आना चाहिए और यही जीवन है। गिराए गए दूध के बारे में बात करने का कोई मतलब नहीं है।

मेरी बात भूल जाओ। मेरे पिता भी, जो स्टार किड नहीं थे, कई प्रॉजेक्ट्स से हाथ धो बैठे। यह हर ऐक्‍टर के साथ होता है और यह काम का हिस्सा है। यह कुछ ऐसा नहीं है जो इतना अनसुना या नया है। जैसा मैंने कहा, यह जॉब का हिस्सा है और आप अपने जीवन के साथ आगे बढ़ते हैं, कड़ी मेहनत करते हैं और इसे जारी रखते हैं।

चलिए तो शुरू करते है आगे की कहानी. पहली बात यहाँ पर स्टारकिड्स की नहीं नेपौकिडस की बात की जा रही हैं. जो शब्द तुम्हारे जैसे फ्लॉप लोगो के लिए सूट करता हैं वो इस्तेमाल करो. दूसरी बात खुद को स्टारकिड बुलाना बंद करो. तुम इन नेपौकिडस में भी सबसे बड़ी फ्लॉप हो.

तुम्हारी एक फिल्म का नाम किसी को याद हो तो कहना सिवाय दबंग सीरीज के. उसमे भी तुम्हे एक ही काम दिया गया बतीसी निकलकर ओवरएक्टिंग करने का. तुमसे अच्छा काम तो उस फिल्म में भेड़ बकरियों ने किया हैं.

और ये जो तुम बोल रही हो की स्टारकिड्स रोते नहीं हैं मेहनत करते हैं. तो बात ऐसी हैं की स्टारकिड को फिल्म मिले या ना मिले दो वक्त की रोटी और रहने को छत मिल ही जाता हैं. स्टारकिड्स को फिल्म नहीं मिलती तो चिल मारने के लिए दस बीस किलो गांजा फूंक ही लेते हैं. तो रोने का तो मौका ही नहीं मिलता. जब सारे सुख सुविधा पास हो.

ओउटसाइडर्स जो होते हैं वो दूसरे शहर से आते हैं. शुरुवात में दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करना पड़ता हैं. रहने के लिए रेंट पर आठ दस लोगो के साथ रहना पड़ता हैं. जो रोल उन्हें मिलना चाहिए वो तुम स्टारकिड्स खा जाते हो क्यूंकि बाप दादा का सिक्का चलता है.

और इन सभी मुसीबतों का सामना करने के बाद जब वो स्टार बन जाते हैं तुम लोगो से आगे निकलना शुरू कर देते हैं तब तुम लोगो को जलन होने लगती हैं. उसे इग्नोर करना शुरू कर देते हो. अपनी पीआर टीम से बोल तरह तरह के हमले करवाते हो. ताकि उसकी इमेज ख़राब हो सकें.

तो स्टारकिड्स और ओउटसाइडर्स की तुलना करना वाकई बेकार हैं. और हां जो तुमने बोलै की तुम्हरे पापा के हाथ से भी मिल गयी वो भी ओउटसाइडर्स थे. तो बात ऐसी हैं उस वक्त फिल्म इंडसट्री में सब ओउटसाइडर्स ही थे. और उस वक्त के सारे ओउटसाइडर्स की पैदा हुयी फसल ही आज बॉलीवुड में गंध मचा रही हैं.


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