सुशांत केस में इन लोगो ने मिटाये सबूत | फरवरी 2022 तक सुलझेगा सुशांत केस


कुछ चीज़े बहुत आसान होती हैं लेकिन उसे मुश्किल बना दिया जाता हैं. सुशांत केस बहुत आसान हैं लेकिन उसे इतना मुश्किल बना दिया गया की पूछो ही मत. पहाड़ तोड़कर रास्ता बनाने वाले दशरथ मांझी ने जितना मुश्किल काम किया था उससे भी कहीं ज़्यादा मुश्किल केस सुशांत का बना दिया गया.

बीजेपी के अधिवक्ता विवेकानंद गुप्ता का कहना हैं की अनिल देशमुख, परमबीर सिंह और सचिन वजे इन सभी ने सबूतों को नष्ट कर दिया. एक दूसरे को बचाने के लिए एक दूसरे को गिरफ्तार कर रहे हैं.

अपने ऐसे की केस देखे होंगे जो पुलिस ने एक दिन में सुलझा लिए हैं. चलिए मान लेते हैं की सुशांत केस में सारे सबूत मिटा दिए गए लेकिन जो सबूत ज़िंदा हैं यानी सुशांत के नौकर, रसोईयां और वो सिद्धार्थ पिथाणी. सीबीआई चाहे तो एक घंटे में इनसे सारे सबूत उगलवा लें.

वो कहानी तो सुनी होगी अपने की एक बार एक चोर करोडो की चोरी करके एक घने जंगल में छुपा गया. उसे पकड़ने के लिए अमेरिका, रूस और इंडिया की पुलिस को ये काम दिया गया. कई दिन निकल जाते हैं. अमेरिका और रूस पुलिस खाली हाथ लौट आती हैं. लेकिन इंडिया वाली पुलिस नहीं आती.

अब इंडिया की पुलिस को खोजने के लिए सभी जंगल में जाते हैं की कहीं उसे शेर वगैरह तो नहीं खा गया. लेकिन जंगल के बीच में जब सभी पहुंचते हैं तो हमारे इंडिया की पुलिस एक बंदर को उल्टा लटका कर मार रही थीं. और बोल रही थीं बोल तूने चोरी की हैं. बंदर भी भी बोलने लगा की हां माई बाप मैंने ही चोरी की हैं. और पैसे मैंने नदी माँ फेंक दिए.

इस कहने से ये साबित होता हैं की पुलिस चाहे तो मंदिर के बाहर से कोई चप्पल तक ना चुरा सकें. अगर चाहे तो. कुछ करने की चाहत ही कुछ बड़ा करवाती हैं. वरना मुंबई पर २६/११ का हमला होने के बाद उस कांग्रेस पाकिस्तान को सिर्फ लव लेटर लिखा करती थीं की मान लो तुमने हमला किया हैं. इधर मोदी सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्रीक सब करवा के बैठे हैं.

तबीयत से सुशांत के नौकर और पिथाणी को पिटा जाये तो सब बाहर आ जाएगा. जिस रिया चक्रबोर्ती ने गिनी चुनी फ्लॉप फिल्मे की हैं. जिसका इनकम सिर्फ 14 लाख रूपये दिखा रहा हैं वो रिया मुंबई के टॉप प्लेसेस जहा लोग सपना रखते हैं की वह अपना घर हो वह दो महंगे फ्लैट खरीद रखे हैं.

जिसकी नेट वर्थ ही कुछ लाख में हैं वो इतना महंगा वकील कैसे हायर करती हैं. जैसा की हमने सुना हैं पर हियरिंग के दस लाख लेते हैं शायद अब फीस और बढ़ गयी हो. क्या एड जांच पड़ताल के लिए रिया के वकील पर छापा नहीं मार सकती की रिया का केस लड़ने के लिए पैसे कौन दे रहा ?

इस केस में सब कुछ हो सकता हैं. और यकीन मानिये सुशांत का गुनेहगार कौन हैं ? ये बात भी सीबीआई को पता हैं लेकिन सिर्फ राजनीती की मंशा को पूरा करने के लिए कुछ बताया नहीं जा रहा हैं. सुनाने में आ रहा हैं महाराष्ट्र में फिर से बीजेपी की सरकार बन सकती हैं. अब वो चाहे शिवसेना के साथ बने या NCP के साथ. अगर ऐसा हुआ तो सुशांत केस में कुछ बाहर नहीं आएगा.

और अगर बीजेपी ईमानदारी से इसमें काम कर रही हैं फिर भी इसकी केस का रिजल्ट फरवरी 2022 तक ही आएगा. क्यूंकि अगले साल उत्तरप्रदेश में चुनाव हैं. हम और आप सोशल मीडिया पर सिर्फ बहस करते हैं लेकिन राजनीतिक पार्टीया ग्राउंड लेवल पर जाकर सर्वे करती हैं.

एक टीम धर्म के आधार पर सर्वे करती हैं. एक टीम रोजगार के नाम पर सर्वे करती हैं. एक टीम क्राइम के आधार पर सर्वे करती हैं. एक टीम किसानो पर सर्वे करती हैं. इसी तरह से हर एक मुद्दे पर सर्वे किया जाता हैं. और सुशांत मामले पर सर्वे नहीं किया जा रहा हैं ऐसा सोचना भी गलत हैं. बिहार इलेक्शन में ये हमने देख ही लिया.

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