समीर वानखेड़े ने दिखा अपनी ताकत नवाब की दुनिया हिल गयी


कुछ नेता कितने ही बड़े नेता क्यों ना बन जाये लेकिन पढ़े लिखे अफसर के सामने वो अनपढ़ ही कहलाते हैं. समीर वानखेड़े को फंसाने के लिए बदनाम करने के लिए नवाब मालिक की ज़िंदगी में सिर्फ एक ही काम बचा हैं की हर रोज़ सुबह उठकर नहा धोकर एक ट्वीट करना हैं और समीर वानखेड़े को बदनाम करना हैं.

लेकिन नवाब मालिक भूल गए की टेस्ट क्रिकेट में धैर्य की ज़रूरत होती हैं तभी बैट्समैन सेंचुरी मार सकता हैं. समीर वानखेड़े पर हर तरह की गेंद नवाब मालिक ने डाली और थक गए. अब समीर वानबखेड़े ने जब नवाब मालिक को थका दिया हैं तो जमकर बैटिंग कर रहे हैं.

नवाब मालिक ने जो फर्जी सबूत पेश किये थे की स्कूल में समीर वानखेड़े का पूरा नाम समीर दावूद वानखेड़े हैं जब नवाब मालिक के वकील ने भी यही बात बॉम्बे हाई कोर्ट में कही तो समीर वानखेड़े के वकील ने जमकर नवाब के वकील को लताड़ा और कहा की तुम और तुम्हारी नवाब मालिक दोनों गलत हो.

एक रेटायरड सरकारी अधिकारी का नाम तुम दाऊद से जोड़ रहे हो जबकि उनका नाम ज्ञानदेव हैं. स्कूल में जो मिस्टेक हुयी थीं ज्ञानदेव की जगह दाऊद लिखा गया था उसे बाद में सही किया गया. और स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट पर समीर ज्ञानदेव वानखेड़े ही लिखा हैं. ऊपर से क्रांति रेडकर ने बीएमसी के पास से समीर वानखेड़े और अपनी शादी का असली सर्टिफिकेट भी पेश कर दिया.

अब नवाब मालिक की जमकर किरकिरी हो रही हैं. क्यूंकि उनके लगाए सारे इलज़ाम झूठे हैं और कोर्ट ये फैसल देगा की नवाब मालिक ने जो झूठे आरोप लगाए हैं उसके लिए उन्हें हर्ज़ाना भरने को तैयार रहना हैं. इसलिए पढ़े लिखे सरकारी इंसान से होशियारी नहीं करनी चाहिए.


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