संजय दत्त सपा से जुड़े और मायावती को बोला जादू की पप्पी दूंगा | FIR के बाद राजनीती से संन्यास


राजनीती करना और उसमे बने रहना हर इंसान के बस की बात नहीं हैं. अमिताभ राजनीती से जुड़े तो 1984. के मामलो में उनका नाम आया. बोफोर्स की दलाली में उनका नाम आया और बाद में राजनीती से संन्यास ले लिया. कांग्रेस के साथ रिश्ते ख़राब हो गए.

इसी तरह संजय दत्त भी राजनीती में आये. सोचा पिताजी और बहन जी राजनीती में है तो मैं भी थोड़ा किस्मत आज़मा लेता हूँ. और इन भाई साब ने समाजवादी पार्टी को ज्वाइन कर लिया. चलो कर तो लिया लेकिन भाषण ऐसा दिया की तीन चार FIR. हो गए. हुआ ऐसा की संजय दत्त ने मायावती को लेकर ऐसी बात कह दी जो उनके लिए तो सही थीं लेकिन राजनीती में उसकी जगह नहीं थीं ऊपर से वो समाजवादी पार्टी को प्रमोट कर रहे थे.

संजय दत्त ने भाषण के दौरान अपनी फिल्म का डायलॉग चिपका दिया. की बहन जी यानी मायावती जी को जादू को झप्पी भी दूंगा और जादू की पप्पी भी दूंगा. अब एक महिला के लिए वो भी राजनीती से जुडी ऊपर से समाजवादी पार्टी की विरोधी तो FIR. तो बनती हैं. जगह जगह संजू बाबा के पुतले तक फूंके गए.

अब अमर सिंह ने कहा मैं तुम्हे बताता हूँ की अगली स्पीच में क्या क्या करना हैं. तुम्हे पहले ये बताना होगा की तुम्हारे पिताजी लखनऊ आये थे. फिर दो चार बातें गांधीगिरी पर कर देना और अंत में एक शेर कह देना.

अब उत्तरप्रदेश में हर दूसरा इंसान अपने आप को बहुत बड़ा नेता समझता हैं. एक नेताजी आये और बोले की संजय दत्त के पिताजी जब पहले बार लखनऊ आये थे. तो ये किया वो किया. संजय दत्त बोले “एक पॉइंट तो गया काम से ये तो इसने बोल दिया.

फिर दूसरा नेता आया और उसने गांधीगिरी पर बात कह दी. दूसरा पॉइंट भी गया. अब अमर सिंह आये और बोले की कल रात संजय दत्त ने मुझे एक शेर सुनाया. जो बशीर बद्र ने लिखा था की मुख़ालिफ़त से मिरी शख़्सियत सँवरती है मैं दुश्मनों का बड़ा एहतिराम करता हूँ.

अब संजय दत्त के पास ले देकर कुछ नहीं बचा था. तो संजय दत्त ने कहना शुरू किया की डंडा भी मैं आपके साथ खाऊंगा. गोलिया भी मैं आपके साथ खाऊंगा. और कंधे से कंधा मिलकर आपके साथ चलूँगा. और साल 2016. आते आते संजू बाबा ने कह दिया की समाजवादी पार्टी ज्वाइन करना मेरी सबसे बड़ी भूल थीं. मैं बहुत सीधा साधा इंसान हूँ. किसी का बुरा नहीं कर सकता. इसलिए राजनीती छोड़ दी.

वैसे संजय दत्त कितने सीधे और उनके चलते कितने घर उजड़े हैं ये हर कोई जानता हैं हालाँकि इस देश की जनता ने सब भुला दिया. क्यूंकि नुक्सान उनके घर का नहीं हुआ.


Like it? Share with your friends!

231

You may also like

More From: News

DON'T MISS