मीडिया हर अपराधी को हीरो कैसे बनाती हैं. कैसे काम करता है नेटवर्क


अपराध इसलिए भी काम नहीं होते क्यूंकि सबसे बड़े अपराधी वो लोग हैं जो जनता की आवाज़ बनते हैं. जिसे देश का चौथा स्तंभ कहा जाता हैं. यानी की पिलर. खम्बा. लेकिन रियल लाइफ में एक खंबा पीला दो मीडिया वाले असली औकात में चले आते हैं. खम्बा मतलब दारु शराब. सब पैसे का खेल हैं. हर अपराध पैसे के दम पर बड़ा छोटा दिखाया जा सकता हैं.

हर अपराधी हर आतंकवादी को महान तक बनाया जा सकता हैं. अभी कुछ दिन पहले अफगानिस्तान में एक भारतीय पत्रकार को तालिबान गोलियों से मार देता हैं. लेकिन हमारे बहुचर्चित मैग्सेसे विजेता पत्रकार रविश कुमार अपनी अस्सी बीघा पोस्ट में लिखते हैं” लानत है उस गोली को जिसने दानिश सिद्दीकी की जान ले ली.

मतलब रविश कुमार में इतना दम नहीं जो तालिबान का नाम ले सकें. बुरहान वाणी जब मारा जाता हैं तन बरखा दत्त कहती हैं की वो एक स्कूल हेडमास्टर का बेटा था. ओसामा बिन लादेन जब मारा जाता हैं तब मीडिया कहती हैं ओसामा बिन लादेन को पर्यावरण की बहुत चिंता थीं. मतलब इंसान मरता है मरे लेकिन वो पर्यावरण की बात कर रहा हैं ये इम्पोर्टेन्ट हैं.

एक और आतंकी मारा तो ये दिखा दिया की उसे धोनी का हेलीकाप्टर शॉट बहुत पसंद था. फ्री टाइम में वो धोनी के हेलीकाप्टर शॉट को सिखने की कोशिश करता था. अब राज कुंद्रा जो की इंटरनेशनल पोर्न रैकेट चला रहे थे. अश्लील फिल्मे बना रहे थे. उसे लेकर मीडिया क्या खबर दिखा रही हैं.

राज कुंद्रा के पिता लंदन में बस कंडक्टर थे. शुरुवाती दिनों में राज कुंद्रा पश्मीना शाल बेचा करते थे. जन्मदिन पर शिल्पा को ये गिफ्ट दिया. शादी के पहले ऐसे प्रपोज़ किया. मतलब साड़ी अच्छे चीज़े निकलकर दिखा दो.

ये होता कैसे हैं पता हैं. भले ही राज कुंद्रा शिल्पा शेट्टी जेल चले जाये लेकिन उनकी पीआर एजेंसी हमेशा इस काम में लगी रहती हैं. मीडिया की मार्केटिंग टीम रेडी रहती हैं की किस तरह का आर्टिकल लिखना हैं. कैसे अच्छे इमेज दिखानी है. जनता किस बात पर इमोशनल होती हैं. शिल्पा शेट्टी की खूबसूरती. योग करती हैं. बाबा रामदेव से प्रेरणा मिली हैं योग की. शिल्पा शेट्टी हैं करोड़ों की संपत्ति की मालकिन, 46 की उम्र में भी ढाती हैं कहर

यही काम हर बार सलमान खान वाले मामले में होता. सलमान की जगह अगर किसी ने हिट एंड रन वाला केस किया होता या फिर काले हिरन का शिकार किया होता. तो यकीन मानिये उस शक्श की पूरी ज़िंदगी जेल में गुज़र जाती. और अब तक मर चूका होता. लेकिन भाईजान डोनेशन करते हैं. गरीबों के मसीहा हैं.

इन लोगो ने जब ISIS के बगदादी और लादेन को महान बना दिया. तो बाकी तो छोटे मोठे क्राइम हैं. जितना क्राइम एक क्रिमिनल करता हैं उससे कहीं ज़्यादा क्राइम मीडिया करती हैं. लेकिन उसकी आवाज़ कोई दबा नहीं सकता. ना कोई सरकार, ना पुलिस और ना ही अदालत. इसलिए खुले आम घूम रहे देश के असली मुज़रिम ही देश के असली गुनेहगार हैं.

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