मिस यूनिवर्स बनकर बॉलीवुड में ही तो काम करना देश का क्या भला होगा


भारत की हरनाज संधू ने मिस यूनिवर्स का खिताब जीत लिया है २१ साल बाद फिर से ये गौरव प्राप्त हुआ हैं. मिस यूनिवर्स का खिताब जीतने वाली तीसरी भारतीय सुंदरी भी बन गई हैं. हरनाज से पहले 2000 में लारा दत्ता और 1994 में सुष्मिता सेन ने भारत को मिस यूनिवर्स का खिताब दिलाया था.

पूरी दुनिया से और भारत के हर कोने से हरनाज़ सिंधु को बधाई दी जा रही हैं लेकिन कुछ लोगो के लिए इस जीत का कोई मतलब नहीं हैं. उनका यही कहना हैं की ये जीत थोड़ी देर के लिए तो भारत के लोगो को ख़ुशी दे सकता हैं लेकिन हरनाज़ का जीतना उसकी निजी जीत और सुख सुविधा का कारण बनेगी ना की इस देश के लोगो के लिए.

किसी ने लिखा ” आज मिस यूनिवर्स बनी हैं कल बॉलीवुड की फिल्मो में काम ही तो करना हैं. किसी ने लिखा “आज भारत हरनाज़ की जीत पर ख़ुशी हैं कल जब ये बॉलीवुड के नशेड़ियों के साथ जुड़ेगी तब वही लोग गाली देंगे.

किसी ने कहा “प्रियंका चोपड़ा भी मिस यूनिवर्स बनी थीं आज देखो उसे दिवाली से प्रॉब्लम हैं. होली से प्रॉब्लम हैं. अपनी फिल्म में हिन्दू को आतंकी दिखाती हैं.

वैसे मेरा ये कहना हैं की हरनाज संधू ने मिस यूनिवर्स का खिताब जीत लिया हैं ये वाकई गौरव की बात हैं. ख़ुशी का पल हैं. भविष्य में वो क्या करेगी क्या नहीं करेगी वो बाद की बात हैं. पहले से किसी को जज नहीं करना चाहिए. रंग में भंग मत डालिये. हर किसी को एक ही तराजू में मत तौलिये.

तो हरनाज संधू ने मिस यूनिवर्स का खिताब जीत लिया हैं उसे बधाई दे सकते हैं तो दीजिये वरना गाली देने का हक़ आपको नहीं. तब तक नहीं जब तक उसने कोई देशविरोधी काम ना किया हो. गलत काम ना किया हो.


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