बॉलीवुड ने फिर बदनाम किया हिंदू धर्म को रावणलीला में रावण सीता की लव स्टोरी दिखा रहे


प्रतीक गाँधी की एक वेब सीरीज आयी थी स्कैम 1992 बेहतरीन एक्टिंग की और बढ़िया वेब सीरीज बनी थी. खासकर जिन गांव को फिल्माया गया था उसने पूरी वेब सीरीज को और भी स्ट्रांग बना दिया. प्रतीक गाँधी एक नए अवतार के रूप में बॉलीवुड से निकलकर सामने आये. लेकिन अब वो भी इसी गुटरवूड का हिस्सा है तो जो वो कहेंगे वो करना होगा.

कलाकार तो सीधे यही कहता हैं मेरा काम है अभिनय करना वही मै कर रहा हूँ लेकिन हमेशा एक ही धर्म को टारगेट करूँगा ये कसम हमें दिलाई जाती हैं. रावणलीला का जब टीज़र आया तब उसी वक्त दिमाग घूम गया था की कहीं ना कहीं इसमें भगवन श्री राम को नीचे गिराने की पूरी कोशिश होगी और रावण को हर तरीके से महान दिखाया जायेगा.

इसकी वजह ये भी है की फिल्म ऐसे टाइम पर आ रही हैं जब उत्तरप्रदेश में चुनाव होने वाला हैं और वहा राम मंदिर भी बन रहा हैं जो हमारे देश में बहुत से लोगो को रास नहीं आ रहा हैं. राम मंदिर ने ना जाने कितने लोगो को नींद हराम कर दी हैं. इसलिए बॉलीवुड के सहारे भगवन श्री राम को बदनाम करने की साजिश रची जा रही हैं. लेकिन श्री राम को बर्बाद करने की साजिश तो रावण ने भी की थीं नतीजा क्या हुआ वो दुनिया जानती हैं.

अब रावणलीला के ट्रेलर आया जिसमे प्रतीक गाँधी रावण बने हैं और लीड रोल में जो है वो माता सीता बनी हैं. ये दोनों मंच पर अपने अपने किरदार निभा रहे है लेकिन मंच के बाहर जी इनकी अपनी दुनिया है वहा पर इनकी लव स्टोरी चल रही हैं. जिसके खिलाफ पूरा गाँव हैं.

जिसमे एक डायलॉग भी आता हैं की रावण और सीता का मेल कभी नहीं हो सकता. हालाँकि ये उनके निजी ज़िंदगी के नाम ले सकते थे डायलॉग में लेकिन दोनों मंच पर जिस किरदार में है वही नाम लिया जाता हैं. ताकि आपकी आस्था पर जमकर हमला किया जा सके.

इस ट्रेलर का एक डायलॉग जब रावण सीता जी की हरण करने के लिए जाता हैं. तब एक डायलॉग आता हैं की अपनी कहानी में विलेन की एंट्री होने जा रही हैं. जिसमे वो बोलेगा ..माते ..घर में संडास है क्या ? बड़ी ज़ोर से आयी हैं.

फिर एक डायलॉग हैं जिसमे रावण बने प्रतीक गाँधी सीता बनी किरदार से बैकस्टेज बात करते हैं की वो बजरंगी भैया बोल रहे थे की …हमारे बीच कुछ चल रहा हैं !

प्रतीक गाँधी का एक डायलॉग और हैं. जो मेकअप रूम का हैं. जिसमे प्रतीक गाँधी भगवन श्री राम बने किरदार से कहते हैं वीरा भैया एक बात कहें. आपने हमारी बहन का अनादर किया ..तो हमने आपकी स्त्री का अनादर किया. पर आपकी तरह नाक नहीं काटी उनकी. फिर भी लंका हमारी जली.भाई और बेटे हमारे शहीद हुए. सारी परीक्षाएं भी हमने दी. और जय जयकार आपकी. ऐसा क्यों ?

जिस पर राम बने किरदार कहते हैं ..क्यूंकि हम भगवान हैं.

अब आप सोचिये जब ट्रेलर में इतना कुछ हैं तो पूरी फिल्म में कितनी गंदगी परोसी गयी होगी. इस फिल्म के ट्रेलर को देख कर लगता हैं ये रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण की गोलिया की लीला रामलीला की तरह बनाई गयी हैं. जिसमे मंच पर तो रावण और सीता अपना किरदार निभा रहे हैं लेकिन रियल लाइफ में दोनों एक दूसरे को प्यार करते हैं जिसके खिलाफ हिंदू मंच और वो पूरा गाँव हैं.

और इस फिल्म के ट्रेलर को देख कर ये बता सकता हूँ की जो किरदार ये दोनों मंच पर निभा रहे थे उस गाँव के लोग इन्हे उसी किरदार में देख रहे जो की इन्हे उस किरदार से बाहर निजी ज़िंदगी में नहीं देखना चाहते हैं.जिसे लेकर ये पूरी फिल्म बना दी गयी हैं.

यकीन मानिये इस फिल्म के लिए कितनी प्लानिंग की गयी होगी ताकि रावण को महान बनाया जा सकतें और राम को बदनाम किया जा सके. हम बचपन से मंच पर रामलीला देखते आये हैं लेकिन इस फिल्म का नाम रावण लीला रखकर सीधे सीधे तौर पर हिंदू धर्म की आस्था पर चोंट किया गया हैं.

बॉलीवुड की हमेशा से यही नीयत रही हैं की रावण को महान बताओ और राम को गलत. लोगों को अर्जुन नहीं, कर्ण में देवता दिखाओ उसे सही बतलाओ. अब आप इसकी टाइमिंग देखिये फिल्म गाँधी जयंती के दिन आ रही यानी दो अक्टूबर और इस साल पंद्रह अक्टूबर को दशहरा हैं. कई जगह रामलील मंचन होता हैं और जिसमे मर्यादा पुरुसोत्तम भगवान श्री राम के बारे में बताया जाता हैं लेकिन ठीक ऐसी टाइम बॉलीवुड फिल्म लेकर आ रहा हैं रावण लीला यानी रावण को सही बताओ.

ये की नयी चीज़ नहीं हैं नसीरुद्दीन शाह, ओम पुरी और पंकज कपूर अभिनीत ‘जाने भी दो यारों’ के अंतिम दृश्य में भी रामायण व महाभारत का मजाक बनाया गया है। यही काम सिर्फ एक प्रतिशत भी किसी दूसरे धर्म पर कोई करे तो नारे लगते है सर तन से जुदा.

रामायण जैसे पवित्र ग्रन्थ व कथा के मंचन में भी संडास और मूत्रालयों जैसा घिनौना ज़िक्र किया जाता हैं. रावण सही था ये बताने की कोशिश और राम गलत थे लेकिन भगवान थे इसलिए बच गए.

हम हर रोज़ बायकाट बॉलीवुड की बात करते हैं लेकिन हमारे फिल्मे नहीं देकने से इन्हे सिर्फ पैसे का नुक्सान होगा लेकिन जो मेसेज ये फैलाना चाहते हैं उस चीज़ में ये लोग सफल हो रहे हैं. इसलिए इस तरह की फिल्मो पर कई FIR. करके कड़े से कड़ा एक्शन लेना चाहिए.

और दूसरी तरह अगर इसे अलग नज़रिये से देखे तो बॉलीवुड, अंडरवर्ल्ड और राजनीतिक पार्टीया जो कर रही हैं हिंदू धर्म के खिलाफ इससे हिंदू धर्म में काफी जागरूकता आयी हैं की हमें तोड़ने का किस तरह से प्रयास किया जा रहा हैं. तो इनकी प्लानिंग एक तरह से फेल ही नज़र आ रही हैं.


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