बूढ़ा होते ही बॉलीवुड में इज्जत ख़त्म हो जाती, कादर खान और मनोज कुमार की इंसल्ट


एक बार आपकी उपयोगिता खत्म हो जाती हैं तब इंसान आपकी इज्जत करना भी छोड़ देता हैं. बुरा समय सबका आता हैं बस लोग अपने अच्छे समय में इस बात को भूल जाते हैं. बॉलीवुड ने देवानंद को भूल दिया एक तरह से खारिज ही कर दिया.

कादर खान साब का मुकाबला कोई नहीं कर सकता हैं. ना अभिनय के बारे में, ना फिल्म और डायलॉग्स लिखने के बारे में. लेकिन जब बूढ़े हुए. उनकी यादाश्त कम होने लगी. तो उनके कई करीबी दोस्तों के साथ अमिताभ बच्चन और गोविंदा तक ने उन्हें भूला दिया.

विनोद खन्ना जब बड़े हुए और उनकी मौत हो गयी तब इसी बॉलीवुड के नए कलाकार कोई इनकी अंतिम यात्रा में नहीं गया. मनोज कुमार साब कितने बड़े देशभक्त हैं और हमेशा देश और देशभक्ति की ही फिल्मे बनाई लेकिन जब बूढ़े हुए तो बॉलीवुड ने उन्हें भी अपमानित किया.

खासकर शाहरुख़ ने अपनी फिल्म ओम शांति ओम में ..जिस बात की पीड़ा मनोज कुमार साब को पांच साल तक रही. उन्होंने शाहरुख़ पर केस भी किया था लेकिन बाद में केस वापस ले लिया.

अपनी फिल्म में शाहरुख ने एक सीन में दिखाया था की वो और श्रेयस तलपड़े दीपिका को मिलने के लिए जाते हैं लेकिन भीतर सिर्फ सेलेब्रिटीज़ ही आ सकते थे तो सिक्योरिटी गार्ड बार बार इन्हे रोक देता हैं. जिसके बाद शाहरुख़ और श्रेयस मनोज कुमार की स्टाइल में चेहरे पर हाथ रखकर भीतर जाते हैं और चौकीदार उन्हें जाने देता हैं.

ये बात मनोज कुमार को बुरी लगी. शाहरुख़ ने कहा वो सीन मैं हटा दूंगा और माफ़ी माँगता हूँ. जापान में जब रलीज़ होगी तो उस सीन को ऐड नहीं किया जाएगा. लेकिन पैसे के भूखे शाहरुख़ ने उस सीन को नहीं हटाया. इस बार मनोज कुमार को बात भीतर तक चुभ गयी. मनोज कुमार ने शाहरुख़, फराह और मेकर्स पर १००. करोड़ का केस किया लेकिन पांच साल बाद वापस ले लिए. क्यूंकि उन्हें पता था की इंडिया में कानून की क्या दशा हैं.

और यहाँ शाहरुख़ और उसके बेटे पर न्यूज़ बना दो तो उनके फँस को बुरा लग जाता हैं. कोई बात नहीं जिस दिन शाहरुख़ बूढ़ा होगा उस दिन उसकी भी यही औकात होगी.


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