बरबाद बॉलीवुड 1700 करोड़ के घाटे में | अगर वेट एंड वाच मोड में रहा तो


जुलाई और अगस्त में सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली कई बड़ी फिल्मों की डेट अब आगे बढ़ चुकी हैं. आगे कब रिलीज़ होगी ये निर्माता डिसाइड नहीं कर पा रहे हैं. मुंबई में सिर्फ पांच प्रतिशत ही काम चालू हैं. आपको लग रहा होगा की बॉलीवुड तो एक के बाद एक नयी फिल्मों की अनाउंसमेंट कर रहा हैं मलतब सब कुछ ठीक चल रहा हैं.

मगर कहानी में असली ट्वीस्ट तो यहाँ पर हैं. दो साल से सिनेमाघर नयी फिल्मों और दर्शको का चेहरे देखे बिना तरस गया हैं. सिनेमघर की गेट पर इस वक्त सिर्फ वॉचमन दिख रहे हैं. रात में तो कभी टोर्च मारे दिख जाते हैं. फिर ऐसा लगता हैं रामसे ब्रोठेर्स की फिल्मों का की चौकीदार हैं जो आपके करीब आकर कहेगा.

बाबू जी ये हवेली तो पिछले पचीस सालो से खाली हैं. कभी यहाँ पर खूब चमक धमक हुआ करती थीं. दस रूपये वाला समोसा पचास में, पांच रूपये की पॉपकॉर्न दो सौ रूपये में बेची जाती थीं. इस सिनेमाघर को मिडिल क्लास इंसान की हाय लग गयी जो बेचारा महीने में के बार कोई फिल्म देखने आता था तो सिनेमाघर वाले उसे लूट लेते थे. अब देखो पूरा कब्रिस्तान बना हैं.

वैसे यहाँ मैं अकेला महसूस नहीं करता. कुछ भूत देसी पौवा लेकर आते हैं और चुड़ैलें मेकअप करके आती हैं तो उन्हें फिल्मों के डायलॉग सुना देता हूँ. कभी कभी उनके लिए आइटम डांस भी करना पड़ता हैं. तो ये हाल है भाई सिनेमाघरों का.

तो बॉलीवुड खुद को घाटे में नहीं दिखने के लिए नयी नयी फिल्मों की सिर्फ अनाउंसमेंट कर रहा हैं ताकि जो इनकी फिल्मों में इन्वेस्ट करना चाहे उसका वेलकम हैं. उसे लग रहा होगा की फिल्मे बन रही हैं लेकिन रियलिटी ये हैं की फिल्मों के सिर्फ नाम और पोस्टर ही अन्नोउंस हो रहे हैं.

इनकी शूटिंग शुरू होते होते अगला साल चला आएगा और इसी बीच कोरोना की तीसरी लहार आ गयी जो की आनी ही आनी हैं. तो फिर से वही हालात होंगे जो पिछले दो साल से हैं. बॉलीवुड की बड़े बड़े प्रोडक्शन हाउस की वो फिल्मे जिसमे बड़े बड़े स्टारकास्ट हैं जो बनकर तैयार हैं लेकिन पिछले साल ही ही रिलीज़ को तरस रहे हैं.

कुछ तो इतने तंग आ गए की अपनी फिल्मों को उन्होंने OTT पर रिलीज़ कर दिया कई बड़ी फिल्मे OTT पर रिलीज़ होने की कतार में हैं. क्यूंकि सिनेमाघर का हाल ऐसा हैं की सलमान खान की फिल्म राधे महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश जैसे कई राज्यों में रिलीज़ हुयी लेकिन इन सभी जगह से टोटल कमाई सिर्फ एक लाख अस्सी हज़ार रूपये हुयी. पिछले हफ्ते तो सिर्फ तेरह सौ रूपये ही कमा सकी.

बॉलीवुड की सबसे बड़ी प्रॉब्लम ये हैं की नयी फिल्मों की सिर्फ घोसणा हो रही हैं. फिल्मे शूट नहीं हूँ रही हैं. जो फिल्म जनवरी में अन्नोउंस की गयी थीं वो अभी तक शुरू भी नहीं हो सकी. कई एक्टर तो ऐसे हैं बस बोल दे रहे हैं की भाई मेरा नाम डालकर पोस्टर रिलीज़ कर दें पैसे की बात बाद में कर लेंगे.

प्रॉब्लम ये भी हैं की सिनेमाघर जहा खुले हैं वहा सिर्फ पचास फीसदी ही खोलने की अनुमति हैं उसमे भी गिनकर दो चार लोग जा रहे हैं. जो घर में पड़े पड़े बोर हो गए हैं. जिनका अपनी पत्नियों के साथ झगड़ा हो रहा हैं. जिनके पास कोई काम धंदा नहीं हैं. ऐसे में बॉलीवुड के अभी भी 1700 करोड़ फंसे हैं. बॉलीवुड को आलरेडी पिछले साल और इस साल मिलकर पंद्रह हज़ार करोड़ का नुकसान हो चुका हैं.

बॉलीवुड की हालत इस वक्त टायटेनिक के डूबते जहाज की तरह हैं जिस पर सवार निर्माता ये सोच रहे हैं की उन्हें बचने कोई तो आएगा. और समय पर नहीं आया तो टायटेनिक का डूबना तय हैं. बॉलीवुड पर क़र्ज़ का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा हैं. कोरोना और सुशांत मामला बॉलीवुड के लिए श्राप बनकर आया हैं.

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