जो हमला हुआ नहीं उससे डर गए मोदी जावेद अख्तर नाराज़


जावेद अख्तर की बुढ़ापे में कितनी सटक गयी हैं ये बताने की ज़रूरत नहीं हैं. पंजाब में जो कुछ हुआ उसके बात पीएम मोदी राष्ट्रपति से मिलते हैं. किस वजह से मिलते है वो नहीं पता लेकिन ये बात जावेद अख्तर और उनके जैसे कई लोगो को खटक जाती हैं.

जावेद का कहना हैं की जो हमला हुआ नहीं. उस काल्पनिक हमले से पीएम मोदी डर गए और उसके लिए राष्ट्रपति से मिलते हैं. तो आजकल जावेद नाम के लोग कुछ ज़्यदा ही चर्चा में हैं. अब जावेद नाम का शक्श अचानक से किसी महिला पर थूंक दें वो भी कोरोना काल में. ये भी एक हमला हैं. तो क्या वो महिला तैयार थी. नहीं ना. लेकिन हमला तो उस पर भी हुआ.

लेकिन इस हमले पर जावेद अख्तर जैसे लोग चुप रहते हैं क्यूंकि वो उनकी इंडसट्री का हैं. जावेद के हिसाब से अगर मोदी पर हमला हो जाता हैं उनके साथ कोई अनहोनी हो जाती तब जावेद को यकीन होता की हां यार हमला तो हो गया. उसके बाद भी ये दुःख नहीं जताते. खुश होते. इस बात की पूरी गारंटी हैं.

जावेद इस बात पर नाराज़ हैं की मोदी बुल्लू बाई ऐप पर नहीं बोलते. वो धर्म संसद पर नहीं बोलते. जब 200 मिलियन मुसलमानो के नरसंहार की खुले तौर पर धमकी दी गई थी। क्यों मिस्टर मोदी?

तो जावेद जैसे लोगो को समझना चाहिए. वो प्रधनमंत्री है हर बात पर नहीं बोलते. उसके लिए उनकी टीम हैं और उनकी पार्टी के प्रवक्ता हैं. तुम्हारी तरह फुकट नहीं बैठे हैं. जावेद को बुल्ली बाई और धर्म संसद दिख जाता हैं. लेकिन हिन्दू धर्म और हिन्दू महिलों पर ऐसे कई पेज आपके धर्म वाले चलते हैं उस पर कुछ नहीं बोलना हैं.

इनको धर्म संसंद में बोला गलत दिख गया जबकि वो भी काल्पनिक ही हैं. हमला कहा हुआ हैं. लेकिन उसी जावेद को ओवेसी और बाकी मुस्लिम नेताओ द्वारा जब कहा जाता हैं जब मोदी योगी नहीं होंगे तब तुम्हे बचने कौन आएगा. ओवेसी का भाई जब कहता हैं की पंद्रह मिनट के लिए पुलिस हटा दो तो हिन्दू लोगो की लाश बिछा देंगे.

जब मोदी को गालीया दी जाती हैं. बोटी बोटी काटने की बात कही जाती हैं तब जावेद और जावेद जैसे लोगो अंधे हो जाते हैं. इन्हे ये सब बात दिखाई नहीं पड़ती हैं. बोलना हैं तो हर मसले पर बोलो. वरना सिर्फ अपने धर्म और अपनी बात करोगे तो हर कोई अपनी ही बात करेगा.

जावेद अख्तर जैसे लोग भूल जाते हैं की मोदी वो हैं जब आतंकी धमकी देते हैं फिर भी बिना सुरक्षा के कश्मीर के लाल चौक पर तिरग्न फहरा कर चले आते हैं. तुम्हारी इतनी हिम्मत भी नहीं हैं की अपनी बिल्डिंग के बाहर बिना सुरक्षा के निकल सको.


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