गज़ब ड्रामा चल रहा हैं कोर्ट कहती सबूत नहीं आर्यन का वकील कहता रिहैब सेंटर भेजो


हमारे देश में कानून का गज़ब मज़ाक बनाया जाता हैं. जो कानून की गद्दी पर बैठे ये मज़ाक भी वही बनाते हैं. बॉम्बे हाई कोर्ट कहती हैं की आर्यन के खिलाफ एनसीबी के पास कोई सबूत नहीं हैं. व्हाट्सएप चाट को सबूत नहीं माना जा सकता हैं. मतलब कल कोई चाट पर कह दे की फैला जगह पर हम बम फ़ोड़नेवाले हैं तो उसे गंभीरता से लेने की ज़रूरत नहीं हैं.

तब तक लेने की ज़रूरत नहीं हैं जब तक बम फुट ना जाये और सौ दो सौ लोग मर ना जाएं. कोर्ट कहती हैं आर्यन ने दूसरे लोगों के साथ मिलकर साजिश रचाई थी इस बात का भी कोई सबूत नहीं हैं. एनसीबी ने जो सबूत पेश किये हैं वो कोई ठोस सबूत नहीं हैं.

हाई कोर्ट ये भी कहती हैं की आर्यन, अरबाज़ मर्चेंट, मुनमुन धामेचा इन लोगो ने एक साथ ट्रेवल किया हो इस बात का भी सबूत नहीं हैं. कोर्ट ये कह रही हैं की ठोस सबूत लाओ हम नहीं मानते जी.

वही एनसीबी अब सुप्रीम कोर्ट जा रही हैं क्यूंकि हाई कोर्ट में जो भी जाता हैं बॉलीवुड से वो छूट ही जाता हैं. अब बताओ हाई कोर्ट कह रही हैं कोई सबूत नहीं हैं. लेकिन आर्यन के वकील मुकुल रोहतगी कहते हैं की आर्यन अभी यंग लड़का हैं उसे जेल भेजने की जगह रिहैब सेंटर भेजना चाहिए.

बताओ हाई कोर्ट कह रही हैं की आर्यन के पास से कुछ मिला ही नहीं. कोई ठोस सबूत नहीं और वकील कहता हैं की रिहैब सेंटर भेजो. अरे जब उसके पास से ड्रग्स नहीं मिला तो रिहैब सेंटर क्यों भेज रहो हो.


Like it? Share with your friends!

205

You may also like

More From: News

DON'T MISS