किसानों से ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा आर्यन खान का गलत इस्तेमाल


इस देश का विपक्ष और बॉलीवुड पिछले कई साल से कंफ्यूज हैं की क्या बोले और क्या करें. कुछ नहीं मिलता तो एक शब्द बोल देते हैं की इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा हैं उस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए ये किया जा रहा हैं.

विशाल डडलानी आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं बॉलीवुड में धोलका तबला वगैरह बजाकर धून निकलते हैं. इनका ये कहना हैं की “:अगर म्यूजिक कंपोजर्स की गिनती हो रही है तो मैं हूँ। अडानी बंदरगाह पर 3,000 किग्रा तालिबानी ड्रग्स की खेप से ध्यान भटकाने के लिए और भाजपा नेता के बेटे द्वारा किसानों की हत्या से ध्यान भटकाने के लिए शाहरुख और उनके परिवार को एक स्मोकस्क्रीन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।”

कई दिन से मई भी यही सोच रहा हैं की यार हर किसी ने बॉलीवुड से कुछ ना कुछ बोला लेकिन ये टकलू अभी तक क्यों नहीं बोला. लेकिन जैसे ही बोला गंदगी परोस दी. हमारे देश में यही प्रॉब्लम हैं की हर अपराध को दूसरे अपराध से जोड़कर परोस दिया जाता हैं. फ़िलहाल देश में बॉलीवुड और विपक्ष कुछ भी कर लें अगर उनके ऊपर एक्शन लिया जाता हैं तो बस यही कह देते हैं की किसानो के मुद्दे से ध्यान भटकने के लिए किया जा रहा हैं.

भाई किसान मुद्दा अलग हैं. बॉलीवुड मुद्दा अलग हैं. देश में होने वाला बलात्कार, चोरी, डकैती का मुद्दा अलग हैं. हर जुर्म को दूसरे जुर्म से जोड़कर बता देने से तीसरा जुर्म कम नहीं हो जाता हैं. अपराध सिर्फ अपराध ही होता हैं.

किसान का मुद्दा हैं वो किसान और सरकार आपस में समझ रही हैं. लेकिन ड्रग्स का मुद्दा अलग हैं जो की पूरा बॉलीवुड फूंकता हैं. आर्यन खान और किसान का यहाँ क्या मतलब. बॉलीवुड और उनके समर्थक बार बार यही बोल रहे हैं की अडानी पोर्ट पर ड्रग्स पकड़ा गया उसके बारे में कोई कुछ नहीं बोलता लेकिन आर्यन के कुछ ग्राम ड्रग्स के चलते इतना बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा हैं.

जबकि कुछ दिन पहले जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट से 125. करोड़ का ड्रग्स पकड़ा गया ये बात बॉलीवुड नहीं कहता क्यूंकि ये नाम उनकी पार्टी से जुड़ा हैं. जवाहर लाल नेहरू. अब इसका मतलब ये नहीं हैं की ये ड्रग्स नेहरू जी का हो गया या कांग्रेस पार्टी का.

अडानी अडानी बोल रहे हो लेकिन इतना ही होता तो अडानी पोर्ट पर ड्रग्स की बात मीडिया में आने ही नहीं देते. जब एनसीबी मोदी के इशारे पर चल रही. कोर्ट मोदी के इशारे पर चल रही. सीबीआई मोदी के इशारे पर चल रही. मीडिया मोदी के इशारे पर चल रही तो मोदी अपने सरकार की एक बात मीडिया में नहीं आने देते. अडानी पोर्ट की बात करते हैं लेकिन नेहरू पोर्ट की बात करने में इन लोगो की हवा टाइट हो जाती हैं.

बात कुछ नहीं सिर्फ इतनी ही की अपना फैलाया हुवा रायता किस तरह छुपाना हैं इसका सबसे सही हल ये हैं की दुसरो का रायता दिखने की कोशिश करो. तो हर अपराध को दूसरे अपराध से जोड़ने का कोई मतलब नहीं. देश में होने वाले बलात्कार के मामले से किसानो का कोई मलतब नहीं.

जबकि सबसे ज़्यादा गंदे काम तो बॉलीवुड में होते हैं. रेप पर राजनीती बॉलीवुड भी करता हैं. ये टकलू भाई साब भी कठुआ मामले में हाथ में तख्ती पकड़ रेप पर राजनीती कर रहे थे. हिन्दू मंदिर और देवी को बदनाम कर रहे थे जबकि राज कुंद्रा पर बात करने में इन भाई साब की जुबां पेट में चली जाती हैं.


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