कंपोजर नदीम सैफी बोले- मुझे साजिश के तहत फंसाया गया, गुलशन कुमार बड़े भाई जैसे थे


90. के दशक में एक जोड़ी हुआ करती थीं नदीम श्रवण की जिसने एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने दिए. श्रवण कुमार कोरोना संक्रमित हुए और उनकी मौत हो गयी. नदीम सैफी पिछले पचीस सालो इंडिया से बाहर हैं. इंडिया के बड़ी याद आती हैं और ये कहा की मुझे गुलशन कुमार वाले मामले में फंसाया गया.

गुलशन कुमार वाले केस में म्यूजिक डायरेक्टर नदीम सैफी का नाम आ गया तो नदीम भारत छोड़कर दुबई और लंदन में रहने लगे. मुंबई की कोर्ट ने नदीम सैफी को सभी आरोपों से बरी कर दिया है मगर वह अभी तक भारत वापस नहीं आए हैं.

गुलशन कुमार हत्याकांड में नाम आने के बारे में बात करते हुए नदीम ने कहा, ‘मैंने सोचा था कि जल्द ही यह गलतफहमी दूर हो जाएगी। पापाजी (गुलशन कुमार) तो मेरे बड़े भाई जैसे थे और वह मुझे बेहत प्यार करते थे। मैं इंडिया भी वापस आना चाहता था मगर ऐसा नहीं हुआ। मुझे इस केस में फंसाने की साजिश रची गई। इंग्लैंड की कोर्ट ने माना कि मेरे खिलाफ कोई सबूत नही था। मुझे साजिशन फंसाया गया। जिन पुलिस अधिकारियों ने मुझे फंसाया था उन पर भी कई तरह के आरोप थे। मेरे साथ बहुत नाइंसाफी हुई है। मेरा न्याय व्यवस्था में पूरा भरोसा है लेकिन मुझे अभी तक पूरा न्याय नहीं मिला है। मैं आज भी म्यूजिक कंपोज करता हूं। मेरी पत्नी सुल्ताना मुझसे इन धुनों को टेप करने के लिए कहती हैं। मेरे पास आज भी बहुत म्यूजिक है। इंशा अल्लाह उन्हें जल्द ही लोगों को सुनने का मौका मिलेगा।’

25 साल से देश से बाहर रह रहे नदीम सैफी का कहना है कि वह अपने देश को बहुत मिस करते हैं। नदीम ने कहा, ‘भारत मेरे दिल में बसता है। मैं अपने देश के लोगों की गर्मजोशी, मेरे दोस्तों और रिश्तेदारों को बहुत मि करता हूं। भारत का मतलब है प्यार जो पूरी दुनिया को दिखता है। मुझे लगता है कि भारतीय केवल किसी को प्यार दे सकता है। लेकिन इतने दिन वतन से दूर रहने के बाद मुझे पता चला है कि मातृभूमि की क्या अहमियत होती है। भले ही आपके पास सबकुछछ हो लेकिन वतन की मिट्टी की खुशबू से बढ़कर कुछ नहीं होता है।’

via NBT


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