कंगना को पद्मश्री देने पर राष्ट्रपति हैं शर्मिंदा, सम्मान वापस लेने के लिए PM मोदी से माँगी अनु​मति’ – फैक्ट चेक


क्रिकेट में जब कोई बैट्समैन आउट नहीं होता तब बॉलर कभी यॉर्कर डालता हैं कभी बाउंसर कभी फ़ास्ट तो कभी स्लो बाल. लेकिन बैट्समैन का दिन अच्छा हो तो कैसी भी गेंद डालो उस पर बॉउंड्री और सिक्स लग ही जाता हैं. पदमश्री मिलने के बाद से कंगना को जिस तरह से विपक्ष परेशान कर रहा हैं कंगना उतना ही हमला कर रही हैं.

मुझे लगता हैं कही कंगना खुद ही ना बोल दें. ले जा भाई पदमश्री खुश हो जा. अब कंगना के विरोधियों ने एक नया तरीका अपनाया. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नाम से एक ट्विटर अकाउंट बनाया जिसमे लिखा गया हैं ”कंगना रनौत द्वारा की गई टिप्पणी देश की भावनाओं को आहत करने वाली है। मैं स्वयं उन्हें पद्म पुरस्कार दिए जाने के लिए शर्मिंदगी महसूस कर रहा हूँ। मेरी सरकार नरेंद्र मोदी से विनती है कि मुझे पुरस्कार वापस लेने की अनुमति दी जाए।”

ये अकाउंट फेक था बाद में कई शिकायत करने के बाद कुछ ही देर में ससपेंड कर दिया गया. अब आप सोच रहे होंगे की आखिर कंगना के विरोधी पदमश्री के पीछे इतना क्यों पड़े हैं. क्या मिल जाएगा. तो बात ऐसी हैं पहले कंगना कुछ बोलती थीं तब वो सिर्फ एक एक्ट्रेस थीं.

अब वो पदमश्री से सम्मानित एक्ट्रेस हैं. जो बोलेगी उसकी बात और दूर तक जाएगी विदेशो तक जाएगा. जैसे सोशल मीडिया अकाउंट पर वेरीफाई ब्लू टिक मिलता है तो उसकी कबीलीययत जाती हैं वैसे ही कंगना के साथ भी यही हुआ. कांग्रेस के ज़माने में इसलिए कुछ देशविरोधी पत्रकारो और बॉलीवुड वालो को ये सम्मान दिया जाता था ताकि उनकी बात में वजह रह सकें.

कई चीज़े जो है सरकार खुद से नहीं कह पाती तो कुछ लोगो को खड़ा कर देती हैं. इसमें कोई संदेह नहीं हैं की कंगना को बीजेपी का सपोर्ट हैं. वरना अर्नब और कंगना जैसे लोगो के साथ जो हुआ वो शायद गायब ही कर दिए जाते. चीन में सरकार के खिलाफ किसी ने आवाज़ उठाई तो वो ग़ायब कर दिया जाता हैं.

जैक माँ के साथ यही हुआ. खैर अभी वो ज़िंदा है लेकिन एक टेनिस खिलाडी कई सालो से गायब हैं. वहा पर इंसानी ज़िंदगी किसी रोबोट से कम नहीं हैं. वैसे आपके पास राष्ट्रपति वाली ये ट्वीट सामने आये तो सच नहीं समझना ये फेक ट्वीट हैं.


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