कंगना का ऑफिस टूटा पदमश्री मिला सोनू सूद मसीहा बने इसलिए नहीं मिला


कंगना रनोट को जब से पदमश्री मिला हैं तब से लेकर अब तक सिर्फ बवाल ही बवाल काटा जा रहा हैं. मसलन कंगना नफरत फैलवाने वाली एजेंट हैं. मुस्लिम विरोधी हैं. नंगी बदन घूमती हैं. बॉलीवुड में रहकर बॉलीवुड की पोल खोलती हैं. उसे पदमश्री नहीं दिया जाना चाहिए.

लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने कंगना का ऑफिस तोड़ दिया और केंद्र सरकार ने कंगना को इतनी सुरक्षा दी और अब पदमश्री दिया कल को टिकट भी दिया जाएगा. इसी बीच कंगना ने आज़ादी भीख में मिली ये मुद्दा छेड़ दिया जिसे लेकर और बवाल होने लगा.

लेकिन सवाल ये भी उठ रहा हैं की सोनू सूद जो गरीबो के मसीहा हैं उन्हें पद्मश्री क्यों नहीं दिया गया. उन्हें सम्मानित करने की जगह पर उनके घर IT. रेड मारी गयी. मतलब जो नफरत फैलाये उसे पदमश्री और जो गरीबो की मदद करे उसके घर रेड करवा दो. यानी जनता जो है वो हमेशा की तरह दो खेमे में बंट गयी हैं.

सोनू सूद से जब यही सवाल पुछा गया की कंगना को पदमश्री मिला आपको नहीं मिला तो इस पर सोनू सूद ने कहा ” ये सवाल सोचने का विषय हैं.” यानी सोनू सूद को भी लगा होगा की पदमश्री मिलेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

इसी बीच सोनू सूद कांग्रेस से जुड़ गए हैं. उनकी बहन पंजाब के मोगा से चुनाव लड़ने वाली हैं. सोनू सूद ने कहा की वो राजनीती में नहीं आएंगे ना किसी का प्रचार करेंगे लेकिन उनकी बहन की समाज सेवा की इच्छा हैं इसलिए वो राजनीती में आना चाहती हैं.

अब होगा ऐसा की सोनू सूद ने भले ही कितना डोनेशन किया हो उस टाइम पर कांग्रेस ने ही सवाल उठाया था की वो बीजेपी के इशारे पर कर रहे हैं इतना डोनेशन. वैसे राजनीती का एक नियम हैं लोग जो बोलते हैं वो करते नहीं. कल को सोनू सूद अगर बीजेपी से जुड़ गए तो यही लोग जो सोनू सूद की तारीफ कर रहे हैं कल को दलाल कहेंगे और गालीया देंगे.


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