आर्यन के खिलाफ कोई सबूत नहीं जल्द मिलेगी क्लीन चीट सलमान जैसी होगी ज़िंदगी


बैंड, बाजा, बाराती, खाना पीना, नाचना गाना, हनीमून की टिकट बुक कर दी, पूरे शहर को सजा दिया गया और अंत में कहते हैं की दूल्हा तो दहेज़ में BMW. मांग रहा हैं और पढ़ाई उसने की नहीं हैं. दसवीं फेल हैं. इसलिए शादी कैंसिल. अब दुल्हन डायरेक्ट स्वयंवर करेगी.

मतलब दो महीने से इतना ड्रामा चल रहा था. की आर्यन खान को क्रूज़ से पकड़ा गया हैं. ड्रग्स मिली है. फिर कहते है नहीं मिली हैं वो तो उसके दोस्त के पास थीं. इसलिए बेल मिल गयी. वो भी एक महीने जेल में रहने के बाद.

दो दो बार NDPS. कोर्ट से बेल रिजेक्ट होती हैं. हाई कोर्ट से भी बेल रिजेक्ट होती हैं. फिर समीर वानखेड़े को फंसाया जाता हैं. फिर स्टोरी में पूजा डडलानी और पचास लाख फर पचीस करोड़ की बात आती हैं. अनन्य पांडेय से व्हाट्सएप चैट की बात सामने आती हैं. अब ये बात सामने आ रहे हैं की NCB. के पास कोई सबूत ही नहीं हैं.

बॉम्बे हाई कोर्ट ये कह रहा हैं की आर्यन और उसके दोस्तों के पास कुछ मिला ही नहीं हैं. आर्यन खान की वाट्सएप चैट को भी कोई खास सबूत नहीं मान सकते.

हाईकोर्ट ने कहा है, ‘कोर्ट के सामने ये साबित करने के लिए कोई ऑन-रिकॉर्ड पॉजिटिव सबूत पेश नहीं किए गए हैं कि सभी आरोपी व्यक्ति सामान्य इरादे से गैरकानूनी कार्य करने के लिए सहमत हुए.’ आगे कहा गया है, ‘अदालत इस बात के प्रति सेंसेटिव है कि सबूत के रूप में बुनियादी सामग्री होनी चाहिए, जिससे आवेदकों के खिलाफ साजिश के मामले को साबित किया जा सके.’

आर्यन, अरबाज़ और मुमुन धामेचा एक साथ ट्रेवल कर रहे थे इसका मतलब ये नहीं हैं की इन लोगो ने ड्रग्स की प्लानिंग की थीं ऐसा भी कोई सबूत नहीं मिला. मतलब पैसे और पहचान की ताकत सही मायने में क्या होती हैं इस केस में आप सीख सकते हैं. इसलिए पैसे कामना बेहद ज़रूरी हैं वरना आप ज़िंदगी में कुछ नहीं हो.

जब सबूत नहीं थे तो हर रोज़ मीडिया में इतना ड्रामा क्यों ? कोर्ट में जज के सामने किस आधार पर ये केस लड़ा जा रहा था दोनों ही तरफ से. जब सबूत नहीं थे तो आर्यन को वही अदालत जेल में क्यों डाल देती हैं. उसे तो तुरंत छोड़ देना चाहिए. ये बात कोर्ट को मामला शांत होने के बाद समझ क्यों आया. और जब सबूत नहीं थे तो कोर्ट ने आर्यन को इतने कड़े बेल कंडीशन पर क्यों छोड़ा था.

वही सोच रहा हूँ काश सुशांत को इंसाफ दिलाने के लिए भी कोई पैसे वाला मज़बूरी से सामने खड़ा होता तो आज सुशांत का केस सुलझ गया होता. वरना आर्यन खान हो या अनन्या पण्डे या फिर राज कुंद्रा हर किसी का नाम क्राइम से जुड़ने के बाद भी सब बाइज्जत बरी हो जाते हैं.


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