अरबाज़ मर्चेंट ने जो कहा उसमे वो खुद फंस गया. कितना सही हैं सुरक्षा एजेंसी पर सवाल खड़े करना.


आर्यन खान के साथ एक लड़का और अरेस्ट हुआ था अरबाज़ मर्चेंट. बिजनेस मन का बेटा हैं. अब तक इन लोगो का दिमाग नहीं चल रहा था लेकिन जैसे ही नवाब मालिक ने कहा की रेड फर्जी थीं. जो की नहीं थीं. उसके बाद से ही सब अलर्ट हो गए.

अब अरबाज़ मर्चेंट का कहना हैं. जिस दिन हमें अरेस्ट किया गया उस के सुबह से लेकर शाम साढ़े आठ तक की सीसीटीवी फुटेज सम्भला कर रखो. क्यूंकि उस टर्मिनल की सुरक्षा CISF. के पास है तो उन्हें इसे संभलकर रखना चाहिए.

अरबाज़ का कहना हैं की हमारे पास कोई ड्रग्स नहीं था ये सब एनसीबी ने प्लांट किया था. हमारे पास शिप का एंट्री टिकट भी नहीं था. अरबाज ने यह भी दावा किया कि NCB का यह आरोप है कि उनका इरादा जहाज पर चढ़ने का था, जो पूरी तरह से गलत था.

लेकिन वही पर अरबाज़ अपनी बेल एप्लीकेशन में ये भी कहता हैं की मेरे पास से केवल 6 ग्राम चरस मिली थीं जिसके बाद एनसीबी ने दिखा दिया हमारे पास भरी मात्रा में ड्रग्स मिला हैं.

तो बात ऐसी हैं वो जो 6 ग्राम चरस मिली हैं वो भी बैन हैं. इसका मतलब साफ़ है की तुम अपनी ही बात में फंस गए की तुम ड्रग्स का सेवन करते हो. अब कोई है इनका फैन जो ये कहेगा की ये लोग ड्रग्स नहीं लेते. अब ये मत बोलना की सिर्फ कुछ ग्राम ही ड्रग्स का तो सेवन करते हैं कौन सी बड़ी बात हो गयी.

और एक बाद एनसीबी सीबीआई जैसी टीम अपनी जान पर खेलकर बड़े बड़े अपराधियों को पकड़ती हैं लेकिन राजनीतिक पार्टीया अपने मतलब के लिए सवाल खड़ा करती हैं जिस पर और राजनीती होती हैं. जब हर क्रिमिनल को बचाने के लिए राजनीतिक पार्टीया यही करेगी तो अपराध कम कैसे होगा. लेकिन राजनीतिक पार्टी और अपराध का चोली दामन वाला साथ होता हैं. दोनों एक दूसरे के बिना एक कदम नहीं चल सकते हैं.


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