अक्षय की अतरंगी रे हिंदू विरोधी फिल्म


अक्षय कुमार वो इंसान हैं.जो एक तरफ देशभक्ति और डोनेशन कर देश के लोगो का दिल जीतने का काम करते हैं. दूसरी तरफ हिंदू विरोधी फिल्म बनाकर लव जिहाद को बढ़ावा देते हैं. पहले लक्ष्मी के ज़रिये किया और अब अतरंगी रे में. इस फिल्म को अक्षय ने प्रोडूस किया हैं.

प्रॉब्लम किसी धर्म से नहीं हैं लेकिन किसी एक धर्म को नीचे गिराकर दूसरे धर्म को महान बताना गलत काम हैं. यहाँ तक की तमिल भाषा का भी मज़ाक बनाया गया हैं. लेकिन कुछ बेवकुफो को लगता हैं ये सब नार्मल हैं.

फिल्म में सारा अली खान एक डायलॉग कहती हैं ”
रिंकू सूर्यवंशी नाम है हमारा..सीधे राजाराम की डायनेस्टी से हैं..स्वयंवर होता हैं हमारे यहाँ…हम नहीं मानते जबरदस्ती की शादी

यानी प्रभु श्री राम के वंशज हैं. अब इस फिल्म में कई सीन हैं जो विवाद वाले हैं. अब मई इनकी फिल्मे देखता नहीं बॉलीवुड वालो की लेकिन जो डायलॉग्स और सीन छोटे छोटे क्लिप्स आपके सामने आते हैं उतना ही काफी हैं ये दिखाने के लिए की बॉलीवुड कभी सुधर नहीं सकता हैं.

इस फिल्म में अक्षय कुमार ने एक मुस्लिम किरदार किया हैं जिससे सारा अली खान प्यार करती हैं. एक सीन में अक्षय कुमार मुहर्रम के जो भी रिवाज होते हैं वो करते नज़र आते हैं. सारा उसे अपने घर की छत पर से करते हुए दिखाती पड़ती हैं. अब वही करने के लिए वो घर के बाहर जाना चाहती हैं तो घर वाले रोकते हैं.

तो सारा वही मुहर्रम का रिवाज अपने घर में करने लगती हैं हैरानी की बात ये हैं की सारा जब ये सीन कर रही होती हैं तब उस घर में हवन हो रहा था. बैक ग्राउंड में राधा कृष्ण का डांस और गाना चल रहा है.

एक सीन में सारा कहती हैं हनुमान जी का प्रसाद समझे हैं जो कोई भी हाथ फैलाएगा और ले जाएगा. शिव जी का धतूरा हैं मुँह से जायेंगे तो पिछवाड़े से निकलेंगे.

एक सीन में अक्षय कुमार जो सज्जाद अली खान बना हैं उसे इसलिए हिंदू धर्म के लोग जलाकर मार देते हैं क्यूंकि उसने एक हिंदू लड़की को प्रेग्नेंट कर दिया था.

इस फिल्म में साउथ सुपरस्टार धनुष भी हैं. सारा अली खान जिसे परिवार से हैं वो बिहार में रहते हैं इसीलिए यहाँ थोड़ी बदनामी बिहार की भी हो जाए तो फिल्म में और मसाला लग जाता है. इसीलिए, ‘जबरिया शादी’ का कॉन्सेप्ट लाया गया है. उसकी शादी जबरन धनुष से कर दी जाती हैं जब वो अपना नाम बताता हैं तो सारा कहती हैं भगवान वाला नाम मत बताओ. धरती वाला नाम बताओ.

कुछ इसी तरह की चीज हमने ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ में देखी थी, जहाँ तमिल बोलने वालों को कॉमेडी के लिए इस्तेमाल किया गया था। दूसरी भाषा का मजाक बना कर आप ये कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि वो उनका सम्मान करें?

स्पष्ट है, जलाने वाले वही ‘भगवान श्रीराम के वंशज सूर्यवंशी ठाकुर’ हैं और मरने वाला एक मुस्लिम जिसने एक हिन्दू लड़की से शादी कर ली। नैरेटिव ये है कि मुस्लिम पीड़ित है और हिन्दू अपराधी। गुंडे भगवान की पूजा न करें, चंदन न लगाएँ और भगवान का नाम न लें तो भला वो बॉलीवुड के विलेन कैसे हुए?

मतलब अपनी फिल्म में हर बार मुस्लिम को विक्टिम दिखा दो और हिंदू को अपराधी जो प्यार के बीच में बाधा बन रहा है जबकि रेलाइटी ये होती हैं की लव जिहाद का शिकार हिंदू लड़किया ही बनती हैं. अभी इस चक्कर में यूपी में एक मुस्लिम लड़के को दस साल की सजा दी गयी जिसने एक हिंदू लड़की को फंसकर शादी की और बाद में उसे मार डाला.


Like it? Share with your friends!

100

You may also like

More From: Entertainment

DON'T MISS