नहीं रहे तारक मेहता, आज सुबह अंतिम सांसें ली | | Boomindya

नहीं रहे तारक मेहता, आज सुबह अंतिम सांसें ली |

‘तारक मेहता’ शायद ही ये नाम किसी ने नहीं सुना होगा ! सब टी वी के लोकप्रिय धारावाहिक “तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ इन्हीं के कॉलम ‘दुनिया ने ऊंधा चश्मा’ पर आधारित है। “तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ ने १७०० एपिसोड पुरे कर लिए हैं  जो की अब लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हैं | तारक मेहता एक लंबे समय से बीमार चल रहे थे | ८७ साल की उम्र में आज सुबह उनका निधन हो गया गया | वैसे तारक मेहता जी ने जीते जी अपना शरीर दान कर दिया था और इस वजह से उनका अंतिम संस्कार नहीं होगा | उनका पार्थीव शरीर NHL मेडिकल कॉलेज को एनाटॉमिकल स्टडी के लिए दी जाएगी।

तारक मेहता उन प्रसिद्ध लेखकों में से एक थे जिन्होंने अपने लेखन से लोगो को खूब हँसाया | उनका जनम 26 दिसंबर १९२९ को अहमदाबाद में हुआ था | गुजराती में बीए और एमए भी  किया था | गुजराती समाज के एक जाने माने चेहरों में से एक थें | उन्होंने ढेर सारी हिंदी और अंग्रेज़ी के लेखनों को गुजराती में अनुवाद भी किया था |

अब तक उनकी कुल ८० किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं | जिसमे 'चित्रलेखा' इनकी पहली हास्य कॉलम थी |

Picture 1 of 4

तारक मेहता की निजी ज़िन्दगी भी थोड़ी अलग थी , उनकी २ शादियां हुयी थी | पहली पत्नी इला से उन्होंने तलाक लेने के बाद इंदु से शादी की , वही पहली पत्नी से उनकी एक बेटी भी है जो की अब अमेरिका में रहती हैं |

बहुत ही काम ऐसे लेखक होते हैं जो अपनी लेखनी से एक अलग ही दुनिया की कल्पना दे जाते है , तारक मेहता भी उन्ही लोगो में से एक थे जिन्होंने जीते जी तो लोगो को खूब हंसाया और मारने के बाद भी अपना शरीर दान कर दिया | तारक मेहता वाकई एक महान लेखक थे |

Source : AmarUjala

Do not forget to share and let us know your views please write in the comments section below.

Like Us On Facebook : BoomIndya  | Follow Boom Indya On Instagram

You may also like...