इस वजह से शशि कपूर साहब को अंतिम संस्कार से पहले तिरंगे में लपेटा गया था

सड़ी के महानतम नायक में से एक सदाबहार अभिनेता शशि कपूर जी का ७९ साल की उम्र में निधन हो गया | शशि कपूर एक लम्बे समय से बीमार चल रहे थे और सोमवार को शाम ५.२० बजे उन्होंने अंतिम सांस ली और दुनिया को अलविदा कह गए | उनका दाह-संस्कार में बॉलीवुड और राजनीती की तमाम हस्तिया मौजूद थीं और पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनको विदाई दी गयी |

लेकिन काफी लोगो के मन में एक सवाल चल रहा था की आखिर शशि कपूर को अंतिम-संस्कार से पहले तिरंगे झंडे में क्यों लपेटा गया था ? शशि कपूर ना ही प्रधानमंत्री थे और ना ही राष्ट्रपति या कभी किसी राजनीती से जुड़े थे यहाँ तक की वो भारतीय सेना में थीं ! तो आखिर इस तरह से उन्हें तिरंगे में लपेट कर सम्मान क्यों दिया गया?

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यहाँ तक की मुंबई पुलिस ने भी तीन राउंड फायरिंग करके उन्हें सम्मान दिया ! दरअसल, शशि कपूर को साहब को भारत सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित किया था | भारत में राजकीय सम्‍मान वर्तमान और पूर्व राष्‍ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और मुख्‍यमंत्रियों को दिया जाता है। इसके अलावा केंद्र सरकार चाहे तो किसी भी शख्‍स को यह सम्‍मान देने का आदेश दे सकती है। बाद में इस नियम में बदलाव किया गया और अब केंद्र सरकार के अलावा राज्‍य सरकार को भी यह अधिकार मिला है कि वह देश के किसी भी सम्‍मानित नागरिक को राजकीय सम्‍मान दिला सकती है।

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राजनीति, साहित्‍य, कानून, साइंस और कला के क्षेत्र में महत्‍वपूर्ण योगदान देने वाले शख्‍स को राजकीय सम्‍मान दिया जा सकता है। इसके अलावा देश के नागरिक सम्‍मान (भारत रत्न, पद्म विभूषण और पद्म भूषण) पाने वाले व्‍यक्‍ित भी इस सम्‍मान के हकदार हो सकते हैं। लेकिन इसके लिए केंद्र या राज्‍य सरकार को सिफारिश करनी पड़ेगी। 

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राज्‍य का मुख्‍यमंत्री अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श करके ही किसी व्‍यक्‍ित को राजकीय सम्‍मान देने की बात कह सकता है। एक बार निर्णय ले लिया जाए, तो यह आदेश राज्‍य के डीजीपी और पुलिस कमिश्‍नर तक पहुंचा दिया जाता है ताकि अंतिम विदाई के वक्‍त राजकीय सम्‍मान की सारी तैयारी की जा सके।
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